• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

2021 का गांधी शांति पुरस्कार गीता प्रेस को दिया जाएगा, संस्कृति मंत्रालय ने की घोषणा

Writer D by Writer D
18/06/2023
in उत्तर प्रदेश, गोरखपुर
0
Geeta Press

Geeta Press

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

गोरखपुर। साल 2021 का गांधी शांति पुरस्कार धर्म, संस्कृति और परंपरा को समेटे गीता प्रेस (Gita Press), गोरखपुर को दिया जाएगा। गांधी शांति पुरस्कार महात्मा गांधी द्वारा स्थापित आदर्शों को श्रद्धांजलि के रूप में 1995 में भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वार्षिक पुरस्कार है। संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली जूरी ने सर्वसम्मति से गीता प्रेस (Gita Press), गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार के रूप में चुनने का फैसला किया।

इसी साल गीता प्रेस (Gita Press) ने 100 वर्ष पूरे किए हैं। बता दें कि गीता प्रेस की स्थापना करने वाले चूरू राजस्थान के रहने वाले जयदयालजी गोयंदका (सेठजी) गीता-पाठ, प्रवचन में बहुत रुचि लेते थे। व्यापार के सिलसिले में उनका कोलकाता आना-जाना होता रहता था।

वहां वह दुकान कि गद्दियों में भी सत्संग किया करते थे। धीरे-धीरे सत्संगियों की संख्या इतनी बढ़ गई कि जगह की समस्या खड़ी होने लगी। इसपर उन्होंने कोलकाता में बिड़ला परिवार के एक गोदाम को किराए पर लिया और उसका नाम रखा गोविंद भवन।

संपूर्ण समाधान दिवस पर डीएम नेहा शर्मा के कड़े तेवर, सचिव व लेखपाल को किया निलंबित

गीता प्रेस (Gita Press) के प्रबंधक डॉ लाल मणि त्रिपाठी के मुताबिक, कोलकाता में वणिक प्रेस के संचालक की टिप्पणी को जयदयाल जी गोयंदका ने ईश्वर का संदेश माना। मदद की गोरखपुर के साहबगंज निवासी सेठ घनश्यामदास और महावीर प्रसाद पोद्दार ने। 10 रुपये महीने के किराए पर हिन्दी बाजार में 29 अप्रैल 1923 में प्रेस की स्थापना हुई। जरूरत के साथ 1926 में वर्तमान गीताप्रेस की जमीन खरीदी गई जो दो लाख वर्ग फिट में है।

Tags: gandhi peace prize 2021gandhi shanti puruskar 2021Gita Pressgorakhpur newsup news
Previous Post

संपूर्ण समाधान दिवस पर डीएम नेहा शर्मा के कड़े तेवर, सचिव व लेखपाल को किया निलंबित

Next Post

डीएम की अनोखी पहल, अब गांव की समस्या का होगा गांव में ही समाधान

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तर प्रदेश

UPITS-2026 में सिंगारी इंडस्ट्रीज ने 15 देशों के साथ किए 201 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू

29/09/2026
अमरोहा

UPITS-2026 में अमरोहा के शहद-कुकीज का जलवा, इटली-ओमान और नीदरलैंड के खरीदारों ने दिए बड़े ऑर्डर

29/09/2026
उत्तर प्रदेश

UPITS: गन्ने की नई उन्नत किस्में बनाएंगी किसानों को समृद्ध

29/09/2026
Main Slider

ईट राइट समिट में उप मुख्यमंत्री का संदेश—“जैसा खाओ अन्न, वैसा बने मन”, स्वस्थ भोजन अपनाएं

29/09/2026
उत्तर प्रदेश

UPITS में काशी के स्वाद का जलवा, 100 किलो से ज्यादा बिकी लौंगलता और तिरंगा बर्फी

29/09/2026
Next Post
Neha Sharma

डीएम की अनोखी पहल, अब गांव की समस्या का होगा गांव में ही समाधान

यह भी पढ़ें

CM Yogi

गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर दर्ज हो एफआईआर : मुख्यमंत्री योगी

14/02/2026
अखिलेश यादव Akhilesh Yadav

2022 के चुनावों में जनता भाजपा को ‘ठोक दो‘ का जवाब ठोक करके देगी : अखिलेश

17/03/2021
vehicle thief gang arrested

मुरादाबाद डबल मर्डर केस का खुलासा, दो हत्यारोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद

06/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version