गणपति विसर्जन: 10 दिन के पूजन के बाद हो रही बप्पा की विदाई

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मुंबई: गणेश चतुर्थी को बड़े ही प्रेम और श्रद्धा से इसकी शुरुआत की गयी थी किन्तु आज वो दिन आ गया है जब गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाएगा। इन 10 दिनों में गणपति जी का सभी घरो में निवास रहने से काफी हर्ष और उल्लास था हालांकि ऐसा नही की गणपति जी के चले जाने से गणपति बप्पा की कृपा जो हम पर बनी थी। गणपति विसर्जन काफी धूमधाम से किया जाता है।

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वो चली जायेगी किन्तु उनके जाने से सभी भक्त काफी भाव-विभोर से हो जाते हैं इस दिन सभी लोग भेद भाव को भुलाकर गले मिलते हैं। लोग बप्‍पा की मूर्ति घर ला कर उनकी पूजा करते हैं और फिर 10 वें दिन उन्‍हें पानी में विसर्जित कर दिया जाता है।

ज्‍योतिष सुजीत जी महाराज के अनुसार:

इस दिन प्रातः से ही हवन के बाद प्रतिमा उठाने की तैयारी की जाती है। लोग विसर्जन के समय नृत्य आवश्यक रूप से करते है और सभी की जिव्ह्या पर सिर्फ एक ही नाम होता ‘गणपति बप्पा मोरया’ है।

पुष्पों और मालाओं से अबीर उड़ाते हुए गणेश जी पूरे शहर का भ्रमण करते हैं। 23 सितंबर को गणेश विर्सजन सुबह 8 बजे से ही शुरू हो जाएगा। जाने-माने ज्‍योतिष के जानकार सुजीत जी महाराज से जानें विसर्जन करने का शुभ मुहूर्त कब है।

गणेश विसर्जन 2018 समय, तिथि व शुभ मुहूर्त:

दिनांक 23 सितम्बर 2018
प्रातः 8 बजे से 12 बजकर 30 मिनट तक
दोपहर 2 बजे से साढ़े तीन बजे तक
सायंकाल 6 बजकर 30 मिनट से रात्रि 11 बजे तक

यह उत्सव प्रेम और उमंग, और भाई चारे का होता है। सभी लोग आपसी भेद भाव को भुलाकर परस्पर गले मिलते है और गणपति जी का भजन कीर्तन करते हुए विसर्जन यात्रा में सामिल होते हैं है। मूर्ति वाले वाहन से भक्तों के बीच पुष्प और प्रसाद बांटे जाते हैं।

भक्त शीतल नयनों से अपने देवता की प्रतिमा को नदी या बड़े जलाशय में विसर्जित करते हैं और फिर अगले वर्ष गणेश

चतुर्थी की प्रतीक्षा करते हैं और अपने जीवन में सफलता पाने की मनोकामना भी करते है और गणपति जी से यह भी कहते है यदि कोई हमसे आपकी पूजा अर्चना में कोई भूल हुई ही तो उसे क्षमा करें।

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