Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

गोल करने से बढ़ता है आत्मविश्वास : गौरमांगी

गौरमांगी सिंह मोइरंगथम

गौरमांगी सिंह मोइरंगथम

नयी दिल्ली। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान गौरमांगी सिंह मोइरंगथम का मानना है कि सेंटर डिफेंडर को उसे मिले गोल करने के मौकों का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए और उनके अंतरराष्ट्रीय गोल ने उन्हें काफी आत्मविश्वास दिया था।

गौरमांगी ने एआईएफएफ टीवी के साथ चर्चा में उन पलों को याद किया जब उन्होंने मैच में गोल किया था। चर्चा में भारतीय फुटबॉल टीम के मौजूदा कप्तान सुनील छेत्री भी मौजूद थे। छेत्री ने कहा, “मैं अभी भी टीम के डिफेंडर और कुछ मिडफील्डर से कहता हूं जितने गोल गौरमांगी भाई ने देश के लिए गोल किए हैं उतने आप सबने मिलकर भी नहीं किए हैं।”

रायबरेली के एडीजे कोरोना पॉजिटिव, अदालत परिसर 48 घण्टे के लिए सील

गौरमांगी ने मुस्कराते हुए कहा, “मुझे भारत के लिए किए गए गोल याद हैं और इसमें से कुछ गोल काफी महत्वपूर्ण थे। सेंट्रल डिफेंडर होने के नाते मेरा पहला काम डिफेंस करना था। पूरे 90 मिनट के मुकाबले में मुझे दो-तीन मौके से अधिक अवसर नहीं मिलते थे।”

उन्होंने कहा, “जब आप डिफेंडर के तौर पर आगे बढ़ते हो तो आप उम्मीद करते हो कि आप गोल करें। विशेषकर मुझे ऐसा लगता था क्योंकि मैं स्वाभाविक तौर पर गोल करने वाला खिलाड़ी नहीं था। गोल करने से आपका आत्मविश्वास काफी बढ़ता है।”

पूर्व कप्तान ने कहा, “2008 सैफ कप में हम माले में थे और सेमीफाइनल में हमारा मुकाबला भूटान से था। पहले हॉफ में छेत्री के गोल से हमने बराबरी की थी और लंबे समय तक कोई गोल नहीं होने दिया। मुकाबला अतिरिक्त समय खत्म होने के करीब पहुंच गया था। एक मिनट से भी कम समय रहने पर हमें फ्री किक का मौका मिला।”

फिल्म ‘आदिपुरुष’ में ‘लंकेश’ के किरदार में नजर आएंगे सैफ अली खान

गौरमांगी ने कहा, “समीर नायक ने फ्री किक ली और अभिषेक यादव ने हैडर से मुझे पास किया और मैंने गेंद को गोल में पहुंचा दिया। आमतौर पर मैं गोल करना डिफेंस से ज्यादा जरुरी नहीं सोचता था लेकिन उस मैच में मुझे राहत मिली कि मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में नहीं गया।”

अंडर-19 स्तर पर कप्तानी करने के बाद गौरमांगी ने 2006 में राष्ट्रीय टीम में पदार्पण किया था। इसके बाद वह टीम में शामिल रहे और धीरे-धीरे डिफेंसिव मिडफील्डर से सेंट्रल डिफेंडर के रुप में उभरे।

गौरमांगी ने कहा, “मेरे ख्याल से टीम के पूर्व कोच बॉब हॉटन ने मुझे सेंट्रल डिफेंडर के रुप में बदला। एक शाम उन्होंने मुझसे इस स्थान पर खेलने के बारे में चर्चा की। उस समय मैं टीम में नियमित रुप से शामिल होना चाहता था, इसलिए मैंने इस चुनौती को स्वीकार किया। मेरा सेंट्रल डिफेंडर के रुप में बदलने का श्रेय बॉब को जाता है।”

 

Exit mobile version