मोदी सरकार दोगुनी करेगी किसानों की आय

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 केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को देश की पहली कृषि निर्यात नीति 2018 को मंजूरी प्रदान की. वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि इस नीति का मकसद 2022 तक कृषि उत्पादों का निर्यात 60 अरब डॉलर करना है ताकि किसानों की आमदनी दोगुनी हो सके. 

सुरेश प्रभु ने संवाददाताओं को बताया, “2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप है. हमने कृषि निर्यात 30 अरब डॉलर से बढ़ाकर 37 अरब डॉलर किया है और हमें पक्का विश्वास है कि 2022 तक यह दोगुना बढ़कर 60 अरब डॉलर हो जाएगा.”

उन्होंने कहा, “आज हमारे कुल कृषि निर्यात में चावल, समुद्री उत्पाद और गोश्त जैसे तीन ही उत्पादों का योगदान 52 फीसदी है. इसलिए हमें इसमें विविधता लानी होगी और हम उस दिशा में काम कर रहे हैं. हम जैविक, नस्ली और देसी उत्पादों को प्रमुखता से प्रोत्साहन देंगे.”

मंत्री ने कहा कि प्याज जैसे घरेलू जरूरतों के कुछ प्रमुख कृषि उत्पादों को छोड़कर सभी जैविक और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों से निर्यात प्रतिबंध हटा लिया जाएगा. इस नीति में कृषि निर्यात से जुड़े सभी पहलुओं पर गौर किया गया है.

इसमें ढांचागत सुविधाओं का आधुनिकीकरण, उत्पादों का मानकीकरण, नियमन को बेहतर बनाना, बिना सोचे फैसले फैसलों पर अंकुश और शोध एवं विकास गतिविधियों पर ध्यान दिया गया है. एक अधिकारी के मुताबिक इस नीति के क्रियान्वयन में अनुमानित 1,400 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव होगा. 

आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार ने कृषि निर्यात दोगुना करने और भारतीय किसानों और कृषि उत्पादों को वैश्विक मूल्य श्रंखला से जोड़ने के मकसद से व्यापक कृषि निर्यात नीति बनाई है. इस नीति का मकसद अगले कुछ साल में 100 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य हासिल करना है. 

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