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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में हाट बाजार निभा रहे हैं महत्वपूर्ण भूमिका: उपमुख्यमंत्री

Keshav Maurya

Keshav Maurya

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने कहा है कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने में ‘ हाट बाजार’ बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और वहां के निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत निर्मित ये आधुनिक हाट बाजार आज ग्रामीण समृद्धि के नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं।

किसानों और स्थानीय व्यापारियों को मिल रहीं बेहतर सुविधाएं

उपमुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने बताया कि मनरेगा श्रमिकों के पसीने और परिश्रम से तैयार किए गए ये आधुनिक हाट बाजार स्थानीय किसानों, शिल्पकारों और छोटे व्यापारियों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्थित बाजारों के अभाव के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती थी, या फिर दूर की मंडियों में जाना पड़ता था। अब इन आधुनिक हाट बाजारों के माध्यम से उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर विपणन (मार्केटिंग) सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो रही है।

स्थानीय उत्पादों को मिला नया मंच, बढ़ी ग्रामीण आय

केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इन हाट बाजारों के कारण स्थानीय उत्पादों (जैसे- ताजी सब्जियां, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद आदि) को एक बेहतरीन और व्यवस्थित मंच मिला है।

“जब स्थानीय उत्पादों को सही बाजार और सही मूल्य मिलता है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था सीधे तौर पर मजबूत होती है। इन हाट बाजारों के संचालन से ग्रामीणों और छोटे व्यापारियों की आय में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।”
— केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री

रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे का विकास

उन्होंने आगे कहा कि इन हाट बाजारों के निर्माण से दोहरा लाभ मिल रहा है। एक तरफ जहां निर्माण कार्य के दौरान मनरेगा श्रमिकों को उनके गांव में ही रोजगार के बड़े अवसर मिले हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का कायाकल्प हुआ है। इन बाजारों में छांव, पीने के पानी, चबूतरों और साफ-सफाई जैसी आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि आने वाले खरीदारों और दुकानदारों दोनों को कोई असुविधा न हो।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश के अन्य ग्रामीण अंचलों में भी इस प्रकार के आधुनिक हाट बाजारों के निर्माण में तेजी लाई जाए, ताकि ‘लोकल फॉर वोकल’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को धरातल पर पूरी तरह साकार किया जा सके।

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