• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

हड़ताली बिजली कर्मियों को बड़ा झटका, HC ने रोका एक माह का वेतन-पेंशन

Writer D by Writer D
24/03/2023
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
High Court

high court

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। यूपी में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करने वाले बिजली कर्मचारियों (Striking Electricity Worker) को हाईकोर्ट (High Court) से तगड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने 72 घंटे की हड़ताल करने वाले विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के 28 पदाधिकारियों का एक माह का वेतन/पेंशन रोकने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह उन लोगों को एक प्रकार से चेतावनी देने वाली कार्रवाई है, जो कानून के राज को हतोत्साहित करना चाहते हैं। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार की हड़ताल न की जाए और न्यायालय द्वारा जताई गई चिंता के प्रति कर्मचारी यूनियन भविष्य में विवेकपूर्ण रहे।

बिजली कर्मचारियों (Striking Electricity Worker) की 72 घंटे की हड़ताल से आम लोगों को हुई परेशानी को लेकर हाईकोर्ट के अधिवक्ता विभु राय ने कोर्ट के समक्ष अर्जी दाखिल कर यह मामला उठाया था। मामले की सुनवाई कर रही कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति  प्रीतिंकर दिवाकर एवं न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने कहा कि इससे पहले कि हम दोषी कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करके नुकसान की वसूली का आदेश करें, नुकसान का सही आकलन होना जरूरी है।

कोर्ट (High Court)  ने राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल कर उन क्षेत्रों के बारे में जानकारी देने को कहा है, जहां नुकसान हुआ है। साथ ही उन सभी कर्मचारी यूनियन व कर्मचारियों की सूची देने का निर्देश दिया है, जिन्होंने संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति को हड़ताल करने में सहयोग दिया ताकि हड़ताल से हुए नुकसान के लिए उन सभी को जिम्मेदार ठहराया जा सके।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका यह आदेश कर्मचारी यूनियन पर किसी मुद्दे पर चर्चा, विचार-विमर्श या बैठक करने पर रोक नहीं लगाता है। न ही सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच वार्ता पर किसी प्रकार की रोक होगी।

न्यायालय इस मामले में दोनों पक्षों का हलफनामा दाखिल होने और कर्मचारी नेताओं की परेशानियों और असुविधाओं पर विचार करने के बाद अंतिम आदेश करेगी। इससे पूर्व हाईकोर्ट ने दिसंबर 2022 में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर स्वत संज्ञान लेते हुए आदेश किए थे।

इसके साथ ही हड़ताल न करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने नोटिस जारी कर कर्मचारी मोर्चा के पदाधिकारियों को तलब भी किया था लेकिन आदेश के अनुपालन में कोई भी उपस्थित नहीं हुआ और न ही कोई हलफनामा दाखिल किया गया। इस पर न्यायालय ने सभी पदाधिकारियों को जमानती वारंट जारी कर दिया था।

कोर्ट (High Court)  ने कहा कि प्रथमदृष्टया बिजली कर्मचारियों ने राज्य सरकार द्वारा हड़ताल पर रोक लगाए जाने और इस न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए हड़ताल की है। कोर्ट द्वारा 16 दिसंबर 2022 को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कोई भी कर्मचारी नेता न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। इस प्रकार से न्यायालय के आदेश का अपमान किया गया। यहां तक कि न्यायालय में हाजिर होने के बावजूद वह यह आश्वासन देने को तैयार नहीं हैं कि भविष्य में हड़ताल नहीं की जाएगी।

कोर्ट ने बिजली कर्मचारियों को यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार का कार्य न करें, जो न्यायालय को हड़ताल करने वाले सभी कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए विवश करें। कोर्ट ने कहा कि यदि दोबारा ऐसी कोशिश की जाती है तो उसकी परिणति कानूनी परिणाम के रूप में होगी। कोर्ट ने कहा है कि निर्दोष जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। अस्पताल, बैंक जैसी आवश्यक सेवाएं बाधित न की जाएं।

मांगों को बातचीत, प्रदर्शन से पूरा किया जा सकता: हाईकोर्ट (High Court)

कोर्ट ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के  नेताओं की इस दलील को नहीं माना कि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया इसलिए मजबूरी में उन्हें हड़ताल करनी पड़ी। कोर्ट ने कहा कि जीवन में कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां काम करने वाले कर्मचारी हड़ताल के बारे में सोच भी नहीं सकते क्योंकि यह आवश्यक सेवाओं को बाधित कर देगा।

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में हुआ बदलाव, अब करना होगा ये काम

मांगों को बातचीत, प्रदर्शन या किसी अन्य रास्ते से पूरा किया जा सकता है। निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए आम जनता का जीवन पंगु बना देने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। कोर्ट अब इस मामले में  24 अप्रैल को सुनवाई करेगी।

Tags: High CourtLucknow Newsuppcl
Previous Post

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में हुआ बदलाव, अब करना होगा ये काम

Next Post

योगी सरकार की बड़ी सौगात, किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगी बिजली मुफ्त

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
उत्तर प्रदेश

मौसम आपदाओं से निपटने के लिए यूपी में मजबूत होगी चेतावनी प्रणाली

23/05/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

श्रमिक राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति, उन्हें सम्मान और सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री योगी

23/05/2026
Cow Protection
उत्तर प्रदेश

राष्ट्रशक्ति और आर्थिक समृद्धि का नया मॉडल बन रहा गो संरक्षण

22/05/2026
CM Yogi
Main Slider

सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

22/05/2026
CM Yogi
Main Slider

बहन-बेटियों के साथ इज्जत से पेश आओ, वरना अगले चौराहे पर यमराज इंतजार करते मिलेंगे : योगी आदित्यनाथ

22/05/2026
Next Post
Farmers

योगी सरकार की बड़ी सौगात, किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगी बिजली मुफ्त

यह भी पढ़ें

Dead Body

खेत से संदिग्ध स्थितियों में किसान का शव बरामद

02/09/2023
Twist on Swami Chinmayananda in rape case

स्वामी चिन्मयानंद पर रेप केस में ट्विस्ट, कोर्ट में अपने बयान से मुकरी छात्रा

14/10/2020
Election

विधान परिषद की 12 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित, 11 को जारी होगी अधिसूचना

06/01/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version