• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

हाईकोर्ट का फैसला, कहा- अपराध की सूचना देने पर तथ्य छिपाने का आरोप सही नही

Writer D by Writer D
08/01/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, क्राइम, ख़ास खबर, प्रयागराज
0
इलाहाबाद हाई कोर्ट Allahabad High Court

इलाहाबाद हाई कोर्ट

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि यदि पुलिस भर्ती मे चयनित अभ्यर्थी अपने खिलाफ आपराधिक मामले की जानकारी होने पर तुरंत जिलाधिकारी को सूचित कर देता है तो यह नही माना जायेगा कि उसने जानबूझकर तथ्य छिपाया और गलत जानकारी दी है।

न्यायालय ने एस पी अंबेडकरनगर के उसे प्रशिक्षण पर भेजने से इंकार करने के आदेश को रद्द कर दिया है जिसके तहत याची को हलफनामे में पंजीकृत अपराध की जानकारी न देने के आधार पर नियुक्ति देने से इंकार कर दिया गया था।

न्यायालय ने कहा है कि याची ने आनलाइन आवेदन में दर्ज एन सी आर का उल्लेख नही किया । उसे इसकी जानकारी नही थी। जैसे ही जानकारी मिली ,उसने डेढ माह के भीतर गृह जिला गाजीपुर के जिलाधिकारी को सूचित किया और मार पीट के केस में दोनो पक्षों के बीच समझौते की भी सूचना दी। जिलाधिकारी ने अनापत्ति देते हुए नियुक्ति की संस्तुति की और जिला आवंटित किया गया।

राशन से लदे ट्रैक्टर ने तीन वर्षीय मासूम को रौंदा, चालक गिरफ्तार

न्यायालय ने कहा कि छोटे अपराधो और परिस्थितियों पर विचार कर अधिकारियों को उचित निर्णय लेना चाहिए। न्यायालय ने याची को प्रशिक्षण पर भेजने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने हिन्दी भाषा मे फैसला सुनाते हुए कहा कि याची का प्रकरण उच्चतम न्यायालय के अवतार सिंह केस के फैसले से आच्छादित है।

एक्शन मोड में आई भाजपा, बंगाल फतह करने के लिए उठाया ये बड़ा कदम

न्यायालय ने कहा कि याची के खिलाफ दर्ज एन सी आर मे एक से दो साल की सजा एवं जुर्माना लगाया जा सकता था। यह मामूली अपराध है। इससे न किसी को उपहति हुई और न लोक शांति भंग हुई। कोई संगीन अपराध नही है। जिस पर गंभीरता से विचार किया जाय। वैसे भी जानकारी मिलते ही सूचित किया गया है ।

केस मे समझौता भी हो गया। जिलाधिकारी ने नियुक्ति के लिए अनापत्ति भी दे दी तो प्रशिक्षण पर भेजने से इंकार करने का आदेश उचित नही कहा जा सकता। याची पुलिस पी ए सी भर्ती में चयनित हुआ है।

Tags: Allahabad High Courtup news
Previous Post

राशन से लदे ट्रैक्टर ने तीन वर्षीय मासूम को रौंदा, चालक गिरफ्तार

Next Post

 मिला चित्रकूट का आशीर्वाद, फिर से आएगी सपा सरकार : अखिलेश

Writer D

Writer D

Related Posts

Dandruff
Main Slider

डैंड्रफ का होगा काम तमाम, बालों में लगाएं बस ये एक चीज

30/05/2026
sensitive skin
Main Slider

सेंसिटिव स्किन पर न लगाएं ये चीजें, डैमेज हो सकती है त्वचा

30/05/2026
Ants
Main Slider

चीटियों को घर से भगाने के लिए करें ये समाधान

30/05/2026
Dark Neck
फैशन/शैली

काली गर्दन दूसरों के आगे करती है शर्मिंदा, तो ऐसे पाएं छुटकारा

30/05/2026
Nausena Shaurya Vatika
उत्तर प्रदेश

नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण 30 मई को, मुख्यमंत्री योगी व रक्षा मंत्री करेंगे लोकार्पण

29/05/2026
Next Post
Akhilesh Yadav

 मिला चित्रकूट का आशीर्वाद, फिर से आएगी सपा सरकार : अखिलेश

यह भी पढ़ें

CM Nayab Singh Saini

सीएम नायब सिंह ने अनुसूचित समाज के प्रतिनिधियों से की मुलाकात

09/06/2024
Allahabad High Court

मेरा कायदा, वरना कोई कायदा नहीं.. जैसा रवैया छोड़े यूपी सरकार : हाईकोर्ट

28/04/2021
अनुष्का शर्मा

चेहरे को ऐसे डिटॉक्स करती हैं अनुष्का शर्मा

04/07/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version