संविदा कर्मी का शव रखकर परिजनों व भाकियू अवध गुट ने किया प्रदर्शन

- in क्राइम, ख़ास खबर, लखनऊ

लखनऊ। माल इलाके में सोमवार को ड्यूटी के दौरान विभागीय लापरवाही के कारण करंट की चपेट में आने से संविदा कर्मी आनन्द की मौत हो गई थी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे थे। हादसे से नाराज ग्रामीणों ने भारतीय किसान यूनियन (अवध गुट) के सैकडो़ कार्यकर्ताओं के साथ शव को पावर हाउस के गेट पर रखकर चार सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठ गये। शाम साढ़े चार अधिशाषी अभियंता लोकेश चंद जुनेजा, लेखपाल के साथ मौके पर पहुंच कर पीडि़त परिवार को 5 लाख का चेक सौंपा। चार सूत्रीय मांगो को लेकर प्रदर्शनरत लोगों ने उप जिलाधिकारी के आश्वासन पर धरना समाप्त कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

सोमवार की शाम अटारी फीडर से गोधन गांव में पोल पर जंफर जोड रहे विद्युत संविदाकर्मी आनन्द शर्मा उर्फ कल्लू (35) की शटडाउन पर चल रही लाइन को विना किसी सूचना के फीडर पर तैनात फीडर आपरेटर द्वारा सप्लाई चालू कर देने से संविदाकर्मी युवक की करेंट लगने से दर्दनाक मौत हो गयी थी। विजली विभाग की संवेदना हीनता उस समय उजागर हो गयी। सूचना के बाद भी शव उतारने के लिए कोई विद्युतकर्मी या अधिकारी मौके पर नही पहुंचा। संविदा कर्मी का शव पांच घण्टे से अधिक समय तक पोल पर लटकता रहा। जिससे नाराज सैकडों ग्रामीणों ने जमकर उत्पात किया था।

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सूचना पर मौके पर पहुचे नायब तहसीलदार ध्रुव कुमार व इंस्पेक्टर मलिहाबाद के समझाने व उचित मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने शव को नीचे उतारने दिया था। जिसे पुलिस ने पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। गौरतलब बात यह है कि विभाग के अधिशासी अभियंता एवम एसडीओ सहित कई बड़े अफसरों ने मृतक को ग्रामीण बताते हुए कहा था कि वह विभाग का कर्मचारी ही नहीं था। एसडिओ ने यह भी कहा था कि मृतक न तो संविदाकर्मी है और न ही श्रमिक कर्मचारी है। किसी ने आनन्द नामक ग्रामीण को ख भे पर चढ़ा दिया। अपने विभाग के ही संविदाकर्मी की मौत पर अधिकारियों के ऐसे बयान के बाद स्थानीय नागरिको में आक्रोश व्याप्त है।

विभागीय अभिलेखों के अनुसार सन 1997 से 2014 तक बारह लोगों को संविदा पर काम करने के लिये नियुक्त किया गया है जो अब तक कार्यरत है। जिसमे आनन्द कुमार लाइन कुली के पद पर 1997 से काम कर रहा था। मृतक को उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन द्वारा उसे विभागीय परिच पत्र भी जारी किया जा चुका था। जिसे मृतक के परिजनों ने अधिकारियों को दिखाया।

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भारतीय किसान यूनियन अवध गुट ने मृतक के परिजनों एवम ग्रामीणों के साथ मंगलवार दोपहर बाद मृतक का शव पहुचने पर शव को पावर हाउस पर रखकर चार सूत्रीय मांग पत्र के साथ धरने पर बैठ गये। मांग पत्र के अनुसार मृतक के परिवार को मौके पर 10 लाख की आर्थिक सहायता मौके पर दी जाय। 50 हजार अंतिम संस्कार के लिये दिया जाय। मृतक की बेटी रिमझिम को दो बीघा जमीन का पट्टा किया जाय। आंदोलन करियो ने अपने मांग पत्र में यह भी मांग की है, मौत के जि मेदार लाइन मैन, एसएसओ,जेई व एसडीओ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाय। जिस पर अधिशाषी अभियंता लोकेश चन्द जुनेजा ने मृतक के परिजनों को तत्काल पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौप तथा अन्य मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

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