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IAS ने धर्मांतरण के गिनाए फायदे, जांच में वीडियो सरकारी आवास का होने की पुष्टि

IAS Mohammad iftikharuddin

IAS Mohammad iftikharuddin

उत्तर प्रदेश के आईएएस इफ्तिखारुद्दीन के कुछ वीडियोज सामने आए हैं, जिसमें वह कुछ मुस्लिम समाज के लोगों के साथ बैठे हैं और धर्म परिवर्तन के फायदे गिना रहे वक्ता को सुन रहे हैं। इतना ही नहीं वीडियो में आईएएस इफ्तिखारुद्दीन इस्लाम धर्म के प्रचार की बातें भी कर रहे हैं।

वीडियो ने यूपी में हंगामा मचा दिया है क्योंकि यह ऐसे वक्त पर आया है जब यूपी में धर्म परिवर्तन गिरोह के खिलाफ बड़े पैमाने पर मुहिम चल रही है।

शासन के आदेश पर कानपुर पुलिस कमिश्नर ने इस वीडियो की जांच कराने के आदेश दिए हैं। एडिशनल डिप्टी कमिश्ननर यानी ADCP पूर्वी सोमेंद्र मीणा को मामले की जांच दी गई है। प्राथमिक जांच में वीडियो कानपुर कमिश्नर आवास के होने की पुष्टि हो गई है। मो. इफ्तिखारुद्दीन वर्तमान में UPSRTC (उत्तर प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन) के चैयरमेन के पद पर लखनऊ में तैनात हैं।

जांच में इस बात पर फोकस रहेगा कि क्या वीडियो में कोई अपराध प्रदर्शित हो रहा है? क्या IAS द्वारा सरकारी आवास में इस तरह धर्म के कट्टरता की पाठशाला से नियमों का उल्लंघन हुआ है? IAS की बैठक में कौन-कौन लोग शामिल हुए थे? इन सवालों की गहन जांच होगी।

चर्चा है कि कानपुर कमिश्नर रहने के दौरान अपने सरकारी आवास में इस तरह की बैठक उनके लिए आम हो गई थी। वह इसमें कट्टरता का पाठ पढ़ाते थे। कानपुर ही नहीं कई राज्यों से इस तरह की बैठक में शामिल होने के लिए लोग आते थे। बंगला खाली करने के बाद सफाई हुई तो धर्म के प्रति कट्टरता को बढ़ावा देने वाला साहित्य भारी मात्रा में मिला था। मगर IAS अफसर होने के चलते मामले को दबा दिया गया था।

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3 वायरल वीडियो की होगी जांच

प्राथमिक जांच में इस बात की पुष्टि हो गई है कि एक दो दिन पहले जो तीन वीडियो वायरल हुए हैं वह कानपुर में तैनाती के दौरान कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन के आवास के हैं। सरकारी आवास पर उस समय तैनात कई कर्मचारियों ने इस बात की पुष्टि की है। लेकिन वह अधिकृत रूप से बयान देने को तैयार नहीं हैं।

क्या है वीडियो में ?

वीडियो में दिख रहा है कि वक्ता जब कट्टरता का पाठ पढ़ा रहा है, उस समय IAS इफ्तिखारुद्दीन जमीन पर बैठे हैं। वीडियो में इस्लामिक वक्ता लोगों को एक कहानी सुना रहा है। वह कहता है कि पिछले दिनों पंजाब के एक भाई ने इस्लाम कुबूल किया, तो मैंने उनको दावत (बुलाया) नहीं दी थी। मैंने उनसे कहा कि इस्लाम कबूल क्यों किया तुमने?

उसने कहा कि बहन की मौत के कारण इस्लाम कबूल किया है। जब बहन को मरने पर जलाया गया, तो कपड़ा जल गया। वह निर्वस्त्र हो गई। सब देख रहे थे। मुझे बहुत शर्म आई। मैं वहां से निकल गया। फिर मैंने सोचा कि आज तो मेरी बहन को लोग देख रहे हैं, मेरी बेटी भी है। कल उसको भी लोग देखेंगे। मरने के बाद वह भी ऐसे ही जलेगी। फिर मेरे दिल में आया कि इस्लाम से अच्छा कोई धर्म नहीं है। मुझे कबूल कर लेना चाहिए। वक्ता ने कहा कि ऐसे-ऐसे लोग इस्लाम कबूल कर रहे हैं। ऐसी-ऐसी चीजें जरिया बन रही है लोगों के इस्लाम कबूल करने के लिए।

डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले- मामले को गंभीरता से लेंगे

इस पूरे मसले पर कल डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि अभी उन्होंने वीडियो नहीं देखा है। मामला उनकी जानकारी में नहीं है। लेकिन अगर ऐसा कुछ है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। जांच की जाएगी। कानपुर के मठ एवं मंदिर समन्वय समिति के अध्यक्ष भूपेश अवस्थी ने इस मामले की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है।

 

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