• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

तीन तलाक़ पर विचारधारा बनाम हकीकत: जब विरोध करने वाले भी कानून की शरण में पहुंचे

Writer D by Writer D
06/02/2026
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
Triple Talaq

Triple Talaq

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक गंभीर प्रकरण सामने आया है जो केवल एक परिवार का निजी मामला नहीं है बल्कि उस राष्ट्रीय बहस का जीवंत उदाहरण है, जो वर्षों तक पूरे देश में “तीन तलाक़ कानून” (Triple Talaq Law) को लेकर चली। मामला यह है कि मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी हिबा राणा ने अपने पति मो. साकिब पर दहेज उत्पीड़न, जानलेवा हमला करने और तीन तलाक़ देकर घर से निकालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच चल रही है। 

ये पूरा प्रकरण  सार्वजनिक रुख और निजी यथार्थ के टकराव को इसलिए उजागर करता है क्योंकि ये वही हिबा राणा हैं, जिन्होंने अपनी बहन उरूशा राणा के साथ मिलकर कभी तीन तलाक़ कानून (Triple Talaq Law) का खुला विरोध किया था। दोनों ने इसे धार्मिक परंपरा, निजी आस्था और समुदाय के अधिकारों से जोड़कर देखा। कानून को अनावश्यक हस्तक्षेप बताया लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। वही परंपरा अब निजी जीवन में पीड़ा, असुरक्षा और अन्याय का कारण बनी है और जिस कानून का विरोध किया था, वही एकमात्र सहारा है।

यह मामला उस तर्क को भी कठघरे में खड़ा करता है, जिसमें कहा जाता रहा है कि तीन तलाक़ कानून (Triple Talaq Law) का “दुरुपयोग” होगा। जमीनी सच्चाई यह है कि जब किसी महिला को बिना प्रक्रिया, बिना संवाद और बिना सुरक्षा के घर से निकाल दिया जाए, तब कानून का हस्तक्षेप दुरुपयोग नहीं बल्कि आवश्यक संरक्षण बन जाता है। यह कानून बहस जीतने के लिए नहीं, बल्कि संकट में फंसी महिलाओं को त्वरित न्याय देने के लिए बनाया गया था। 

धार्मिक तर्कों की भी यहां एक स्पष्ट सीमा दिखती है। आस्था और परंपरा व्यक्तिगत विश्वास का विषय हो सकते हैं, लेकिन जब मामला महिला के जीवन, सम्मान और अधिकारों से जुड़ जाए, तब संविधान और कानून की भूमिका सर्वोपरि हो जाती है। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।

यह प्रकरण राजनीतिक और वैचारिक विमर्श से हटकर एक गहरे मानवीय परिणाम की ओर इशारा करता है क्योंकि कानून किसी से भी यह नहीं पूछता कि आपने कभी उसका समर्थन किया था या विरोध। वह केवल यह देखता है कि अन्याय हुआ है या नहीं। यही कानून की निष्पक्षता और ताकत है।

उत्तर प्रदेश सरकार का रुख स्पष्ट है कि राज्य में कानून सभी के लिए समान है। किसी की पहचान, सामाजिक हैसियत या वैचारिक पृष्ठभूमि न्याय के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती। प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यह मामला एक कड़ा संदेश भी देता है कि विचारधाराएं मंचों पर बहस के लिए अच्छी हो सकती हैं, लेकिन जब जीवन पर संकट हो, तब कानून ही अंतिम सत्य और सबसे बड़ा सहारा है।

Tags: Triple Talaq
Previous Post

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम बना जनसुनवाई और सेवा का प्रभावी मॉडल

Next Post

रामभक्तों का अपमान विरासत का अपमान: योगी आदित्यनाथ

Writer D

Writer D

Related Posts

Suresh Khanna
उत्तर प्रदेश

बोटलनेक टू ब्रेक थ्रू : यूपी ने तकनीकी महाशक्ति बनने की दिशा में बढ़ाया निर्णायक कदम

11/02/2026
Suresh Khanna
Main Slider

बजट 2026-27: योगी सरकार की प्राथमिकता में किसान, कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये

11/02/2026
Savin Bansal
राजनीति

मृत्यु प्रमाण पत्र प्रकरण में लापरवाही; डीएम ने डीपीआरओ का रोका वेतन तो जारी हुए प्रमाण पत्र

11/02/2026
CM Yogi
Main Slider

यह किसान, युवा और महिला का है बजट: सीएम योगी

11/02/2026
Keshav Maurya
उत्तर प्रदेश

पं. दीनदयाल ने प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रेरणा दी: केशव मौर्य

11/02/2026
Next Post
cm yogi

रामभक्तों का अपमान विरासत का अपमान: योगी आदित्यनाथ

यह भी पढ़ें

CM Dhami

CM Dhami ने ITBP के हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025 को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

14/06/2025
fraud

सेवानिवृत जज हुए धोखाधड़ी के शिकार, भूमाफ़ियों ने हड़पे लाखों रुपए

25/12/2020
Drowned

नदी में नहाने गए तीन मासूम तेज धार में बहे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

28/07/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version