Main SliderTech/Gadgetsख़ास खबरराष्ट्रीयस्वास्थ्य

आसपास कोई भी संक्रमित व्यक्ति दाखिल हुआ तो यह ऐप कर देगा आपको अलर्ट !

टेक/गैजेट्स डेस्क.   इस वक़्त पूरे वस्व में कोरोना वायरस की महामारी ने आतंक मचा रखा है. हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों इस वायरस से संक्रमित है. इस वायरस की अभी तक कोई वैक्सीन नही बन पायी है. ऐसे में इस वायरस से बचने का सबसे अच्छा उपाए है बचाव. जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय(वाइएमसीए) फरीदाबाद के विद्यार्थियों ने कोरोना से बचाव का एक इनोवेटिव समाधान खोज निकालने का दावा किया है. विश्वविद्यालय की स्टार्ट-अप टीम में एमबीए के दो छात्रों ललित फौजदार तथा नितिन शर्मा ने जियो-फेंसिंग तकनीक का उपयोग करते हुए ऐसा मोबाइल ऐप तैयार किया है जो ऐसे लोगों को वास्तविक समय अलर्ट देने में सक्षम होगी.आइये जानते हैं ये ऐप कैसे काम करेगा.

धर्मगुरुओं ने भी लोगों से लॉकडाउन के नियमों का पालन करने की करी अपील

इस तरह बचाएगा आपको ऐप

यदि आपके आसपास 5 से 100 मीटर की सीमा के भीतर कोई संक्रमित व्यक्ति दाखिल होता है तो यह ऐप आपको अलर्ट देगा। इतना ही नहीं अगर किसी स्‍थान पर कोई संक्रमित शख्‍स पिछले 24 घंटे में गया है तो भी यह ऐप आपको चेतावानी देगा। विश्वविद्यालय के एडजेंक्ट फैकल्टी अजय शर्मा की देखरेख में तैयार इस ऐप को “कवच’ नाम दिया गया है।

ऐसे करेगा काम

आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह ऐप कैसे काम करेगा। आपको यह बता दें कि जितने भी संक्रमित लोग सामने आ रहे हैं। उनके फोन नंबर और उनके नाम के साथ अन्‍य जानकारियों को इकट्ठा किया जा रहा है। सारी चीजों को फोन नंबर सहित इस ऐप में स्‍टोर किया जा रहा। इस तरह जब भी कोई संक्रमित शख्‍स आपके नजदीक होगा तब आपका मोबाइल तुरंत एक्‍टिव होकर आपको अलर्ट भेजना शुरू करेगा। इस तरह आप तुरंत अपना बचाव कर सकेंगे।

कोविड-19 सॉल्‍यूशन चैलेंज

अजय शर्मा के अनुसार केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 16 मार्च को कोविड-19 सॉल्यूशन चैलेंज लांच किया था और इस चैलेंज के जरिए 31 मार्च तक कोरोना वायरस से रोकथाम के लिए इनोवेटिव समाधान आमंत्रित किए थे। विश्वविद्यालय की टीम ने चैलेंज को स्वीकार करते हुए 10 दिन की कड़ी मेहनत के बाद यह ऐप तैयार किया।

गूगल प्‍ले स्‍टोर पर होगा जल्‍द उपलब्‍ध

अजय शर्मा ने बताया कि फिलहाल ऐप को तैयार कर इसका प्रोटोटाइप भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भेज दिया गया। ऐप को प्ले स्टोर पर उपलब्ध करवाने के लिए गूगल इंडिया को भी भेजा गया है। केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद यदि ऐप लांच होता है तो यह देश के साथ-साथ दुनियाभर में कोरोना संक्रमण को रोकने में एक कारगर उपाय साबित होगा।

ऐप के और भी हैं कई फायदे

इस मोबाइल ऐप का सबसे बड़ा लाभ यह भी बताया जा रहा है कि यह कोरोना जैसी महामारियों के दौरान सभी नागरिकों को प्रमाणिक और सत्यापन योग्य जानकारी एकत्र करने और प्रदान करने के लिए सिंगल यूनिवर्सल प्लेटफार्म प्रदान करेगी। ऐप में ऐसे प्रावधान किए गए है कि इसका इस्तेमाल करने वाले किसी भी आपात स्थिति में सरकारी अधिकारियों से तुरंत मदद पाने के लिए संपर्क कर सकेंगे और संक्रमण का शक होने पर खुद के परीक्षण के लिए आसपास के अस्पतालों और क्लीनिकों का संपर्क विवरण भी प्राप्त कर सकेंगे।

जेसी बोस के कुलपति ने कहा-

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी संपूर्ण मानव जाति के लिए संकट बनती जा रही है, जिसे निपटने के लिए रोकथाम ही बेहतर विकल्प है। स्टार्ट-अप टीम की सराहना की जानी चाहिए। हमें उम्मीद है कि यह ऐप कोरोना वायरस से निपटने के लिए बेहतर समाधान उपलब्ध करवाएगी।

loading...
Loading...