Main Sliderख़ास खबरधर्मराशिफलविचार

जाने क्यों है कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण

हिंदू पंचांग के अनुसार आठवे माह को कार्तिक माह कहा जाता है। इस माह की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा के रूप से जाना जाता है। वैष्णव परंपरा के लोग कार्तिक पूर्णिमा को दामोदर पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं क्योंकि यह पूर्णिमा पूर्ण रूप से भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। वैसे तो पूरे कार्तिक माह में प्रतिदिन गंगा स्नान और पवित्र नदियों में सूर्योदय से पहले डुबकी लगाना शुभ माना जाता है। कार्तिक माह के दौरान पवित्र स्नान, अनुष्ठान इत्यादि की शुरुआत शरद पूर्णिमा से होती है जो कि कार्तिक पूर्णिमा तक चलती है।

कार्तिक पूर्णिमा खास महत्त्व रखता है। आज के दिन सुबह- सुबह किया गया स्नान,  सूर्य को दिया अर्घ आपकी हर समस्या को दूर करने में सक्षम है। आज के दिन व्रत भी किया जाता है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार आज की ही दिन भगवान विष्णु ने भगवान शिव की पूजा की थी और उन्हें 1000 कमल के फूल चढ़ाए थे। इसलिए आज शिव मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।

हिंदू धर्म ग्रंथों में आज का दिन ‘देव दीपावली’ के नाम से जाना जाता है। इसे कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही मनाया जाता है। यह मान्यता है कि आज के दिन भगवान शिव ने राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था। इसीलिए कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुर पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। त्रिपुरासुर को हराने की वजह से इसे त्रिपुर पूर्णिमा कहा गया है। त्रिपुरासुर के मारे जाने से देवता बहुत खुश हो गए और भगवान चंद्र देव ने अपनी खुशी अपने पूर्ण रूप को प्रदर्शित कर पूरे संसार को रोशन कर के प्रकट किया।

कार्तिक पूर्णिमा का पूर्ण लाभ पाने के लिए आज के दिन मंदिरों के साथ-साथ पवित्र नदियां और खास करके गंगा नदी के तट पर हजारों मिट्टी के दीए जलाए जाते हैं। आज के दिन सूर्योदय से पहले किया गया गंगा स्नान या  किसी की पवित्र नदी में किया गया स्नान और भगवान श्री कृष्ण की पूजा फलदायनी होती है।

loading...
Loading...