देहरादून: उत्तराखंड के अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी (Banshidhar Tiwari) ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच विश्वसनीय और समर्पित समाचार पत्रों की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों पर जहां कुछ लोग जिम्मेदारी के साथ जानकारी साझा करते हैं, वहीं बिना उचित सत्यापन के तैयार किया गया कंटेंट भी तेजी से फैलता है। ऐसे में तथ्यात्मकता और प्रामाणिकता के कारण विश्वसनीय समाचार माध्यमों का महत्व आज भी कायम है।
श्री तिवारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी के साथ लिखने वाले लोग भी हैं, लेकिन बड़ी मात्रा में ऐसा कंटेंट भी मौजूद है जिसमें सच्चाई का अभाव होता है और जो लोगों को भ्रमित कर सकता है। उन्होंने बताया कि भ्रामक खबरों का खंडन करने और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में काफी ऊर्जा लगानी पड़ती है, जिसे अन्य सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में लगाया जा सकता है। उन्होंने इस चुनौती को समझाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की स्थिति का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि उस समय पीआईबी ने ऑपरेशन से जुड़ी भ्रामक जानकारियों का जवाब देने और गलत सूचनाओं को रोकने के लिए विशेष स्तर पर जांच और प्रतिक्रिया की व्यवस्था की थी। उनके अनुसार, फर्जी या भ्रामक सूचनाओं को लगातार गलत साबित करने में लगने वाली ऊर्जा को बचाकर समाजहित के अन्य सकारात्मक कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
श्री तिवारी ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के लिए कंटेंट के स्रोत और तथ्यों की पड़ताल जरूरी है, ताकि गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके और लोगों तक सही व विश्वसनीय सूचना पहुंच सके।
