आडियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की आंख को लेकर पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान की आंखों की दृष्टि सिर्फ 15 प्रतिशत तक बची है, जिसके कारण इमरान देख नहीं पा रहे हैं, उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अगर जल्द से जल्द उनका इलाज नहीं कराया जाता है, तो वे अपनी दोनों ही आंखें पूरी तरह से खो देंगे।
बीबीसी उर्दू के मुताबिक पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक्शन लिया है। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि आप 16 फरवरी से पहले देश के शीर्ष डॉक्टरों की एक टीम भेजिए और उनका सही तरीके से इलाज कराइए।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिनों पहले वरिष्ठ वकील सलमान सफदर को इमरान खान (Imran Khan) से मिलने के लिए भेजा था। सफदर ने इमरान से मुलाकात के बाद एक रिपोर्ट तैयार की। इसमें कहा गया है कि इमरान अपनी सुरक्षा से संतुष्ट हैं, लेकिन उन्हें परिवार वालों से नहीं मिलने दिया जा रहा है।
सफदर ने अपनी रिपोर्ट में कहा- अक्तूबर 2025 तक इमरान (Imran Khan) ठीक थे, लेकिन इसके बाद उनके दाहिने आंख की रौशनी अचानक चली गई। सफदर ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- वे स्वस्थ्य हैं, लेकिन वे देख नहीं पा रहे हैं। उन्हें चिकित्सा की जरूरत है।
सफदर ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उन्हें अपने बेटों से बात करवाने की व्यवस्था की जाए। इस पर सरकार के वकील ने हामी भरी। सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को उनके दोनों बेटों से फोन पर बात कराने का आदेश जारी किया है।
इमरान खान की आंख में क्या दिक्कत है?
पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के मुताबिक इमरान खान की दाहिने आंख में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन हो गया है, जिसके कारण उनकी आंख की नसों में एक “खतरनाक रुकावट” पैदा हो गई है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उनका इलाज किया जा चुका है।
हालांकि, पार्टी संतुष्ट नहीं है। नेशनल हेल्थ फाउंडेशन का कहना है कि इस बीमारी में आंख की नसों में रक्त का थक्का बन जाता है। इमरान खान मई 2023 से जेल में बंद हैं। उन पर भ्रष्टाचार और सेना के खिलाफ आम लोगों को उकसाने का आरोप है।
