सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में अंर्तर्राष्ट्रीय बौद्ध अध्ययन केंद्र स्थापित करने को मिली हरी झण्डी

सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर में इंटरनेशनल, बुद्धिस्ट सेन्टर तथा सेंटर फॉर एक्सिलेंस इन हिन्दुज्म, बुद्धिज्म एंड जैनिज्म के रूप में अंतराष्ट्रीय बौद्ध अध्ययन केंद्र की स्थापना को शाषन द्वारा हरी झण्डी मिल गई है।
बताते चलें कि 28 मई को विद्या परिषद की आकस्मिक बैठक में विश्वविद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध अध्ययन केंद्र स्थापना करने का निर्णय लिया गया था। जिसको कुलपति प्रो0 सुरेन्द्र दूबे ने शाषन में मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा था ।लेकिन शाषन द्वारा इस निर्णय को हरी झण्डी देने से पहले कार्य परिषद की बैठक के अनुमोदन के लिए दिशा निर्देश दिया गया। जिसके परिप्रेक्ष्य में शुक्रवार को कार्यपरिषद की आकस्मिक बैठक विश्वविद्यालय के सभागार में कुलपति प्रो0 सुरेन्द्र दूबे की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिसमें उक्त निर्णय का अनुमोदन हो गया। जिससे अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध अध्ययन केंद्र को हरी झण्डी मिल गई । बताते चले कि कुलपति प्रो0 सुरेन्द्र दूबे सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में द्वितीय कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण करते वक्त ही कहा था कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को अंर्तर्राष्ट्रीय मानचित्र पर लाने के लिए विश्वविद्यालय में इसी वर्ष अंर्तर्राष्ट्रीय बौद्ध अध्ययन केंद्र का स्थानपना करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। जिसको उन्होंने पूरा किया। अन्य विभागों की तरह से इस विभाग में भी शिक्षकों एव कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। विश्वविद्यालय से जिला मुख्यालय तक आने जाने में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए बस क्रय हेतु शाषन की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजे जाने पर भी निर्णय लिया गया है। कार्यपरिषद की बैठक में कुलपति प्रो. सुरेन्द्र दूबे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, कुलसचिव यूपी सिंह, परीक्षा नियंत्रक व्यास नारायण सिंह, वित्त अधिकारी विनोद कुमार, प्रो.डीएन यादव, डा. एसपी सिंह शामिल रहे।

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