अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Ram Mandir) के पहले पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। राम जन्मभूमि परिसर में 11 और 12 अगस्त को अंतिम चरण के इंटरव्यू पूरे हो गए। अब सर्च कमेटी 16 उम्मीदवारों में से तीन नामों का पैनल तैयार कर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। अंतिम नियुक्ति पर फैसला ट्रस्ट करेगा।
5,585 आवेदन, 16 उम्मीदवार तक पहुंची रेस
सीईओ पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन मिले थे। इनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने विस्तृत बायोडाटा जमा किया। जांच के बाद 1,580 आवेदनों का मूल्यांकन किया गया और करीब 111 उम्मीदवारों का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया।
ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवारों को अंतिम आमने-सामने के साक्षात्कार के लिए अयोध्या बुलाया गया। इनमें सेना के पूर्व अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस-आईपीएस अधिकारी और अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर शामिल हैं।
5 लाख श्रद्धालु आए तो क्या करेंगे?
अंतिम इंटरव्यू में उम्मीदवारों से केवल प्रशासनिक अनुभव से जुड़े सवाल नहीं पूछे गए। मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े संभावित हालात पर भी उनकी सोच जानी गई।
सूत्रों के मुताबिक, उम्मीदवारों से पूछा गया कि अगर एक दिन में पांच लाख श्रद्धालु राम मंदिर पहुंच जाएं तो भीड़ को कैसे नियंत्रित करेंगे। दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर भी सवाल हुए।
आस्था और विजन भी परखा गया
उम्मीदवारों से राम मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं, भविष्य की चुनौतियों और मंदिर के विकास को लेकर उनके विजन पर चर्चा की गई। आपात स्थिति में निर्णय लेने की क्षमता और सरकारी एजेंसियों, सुरक्षा बलों तथा मंदिर प्रशासन के बीच समन्वय को लेकर भी सवाल पूछे गए।
साक्षात्कार में उम्मीदवारों की धार्मिक आस्था, सामाजिक संगठनों से जुड़ाव और व्यक्तिगत जीवनशैली से संबंधित पहलुओं पर भी जानकारी ली गई।
अब ट्रस्ट करेगा अंतिम फैसला
सर्च कमेटी में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं।
समिति अब 16 उम्मीदवारों के अंतिम मूल्यांकन के बाद तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को भेजेगी। इन्हीं में से एक नाम पर अंतिम मुहर लगने के बाद राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति होगी।
