टेरर फंडिंग के मास्टर माइंड रमेश शाह की जांच एजेंसियों ने खोले कई राज

टेरर फंडिंग
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गोरखपुर। टेरर फंडिंग के मास्टर माइंड रमेश शाह के बारे में जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। फर्जी पत्रावलियां तैयार करने में माहिर रमेश को कम्प्यूटर का अच्छा जानकार है।  रमेश ने दूसरी बीवी को आरती को उसने झरना टोला में बैंक प्रबंधक के घर किराये के मकान में रखा था, वहीं उसकी पहली बीवी उसके मां-बाप के साथ रहती थी। पांच साल पहले घरवालों को उसकी दूसरी बीवी के बारे में जानकारी हुई थी। रमेश की दोनों बीवियों से उसके दो-दो बच्चे हैं।

कंप्यूटर का गहरा जानकार और सुपर बाजार का मालिक है रमेश शाह

गोरखपुर से पकड़े गए बिहार के मुकेश को अपनी गारंटी पर किराये का कमरा मुहैया कराया था। रमेश ने मुकेश को अपने नजदीक रखने के लिए उसे पत्नी के बगल वाला रूम दिलाया था । जिससे रमेश के न रहने पर उसकी पत्नी की जरूरत की चीजें बाजार से खरीद कर मुकेश ले आता था। मकान मालिक से रमेश ने बताया था कि उसके सुपर बाजार में मुकेश काम करता है। गोरखपुर से 24 मार्च को गिरफ्तार हुए छह लोगों में मुकेश की भूमिका खाता खुलवाने से लेकर टेरर फंड की रकम को  पहुंचाने की थी।

टेरर फंडिंग गैंग के मास्टर माइंड के साथ ही कलेक्टर की भूमिका में भी रहता है रमेश शाह

मई 2005 में रमेश की पहली शादी किरन के साथ हुई थी।  वहीं दूसरी शादी की जानकारी  पांच साल पहले ही परिवारीजनों को हुई थी। जिसके बाद रमेश ने घर आना-जाना कम कर दिया था। एटीएस के छापे के बाद रमेश शाह की दूसरी पत्नी आरती भी गायब हो गई। टेरर फंडिंग गैंग के मास्टर माइंड के साथ ही कलेक्टर की भूमिका में भी रमेश शाह रहता है । रमेश शाह को गैंग के सभी सदस्यों के बारे में न सिर्फ जानकारी रहती थी बल्कि पाकिस्तानी हैंडलर से भी वही बात करता था और बैंक खाते मुहैया कराने के साथ ही खाते में पैसा आने की सबसे पहले जानकारी उसी के पास आती थी।

फर्जी खातों से कार्ड स्वैप कर  निकाले जाते थे रुपये

टेरर फंडिंग में सबका अलग-अलग रोल था। फर्जी खातों से कार्ड स्वैप कर रुपये निकाले जाते थे। पेट्रोल पम्प, शॉपिंग माल, सुपर बाजार से खरीदारी के नाम पर रुपये स्वैप करने में आसानी होती थी। रमेश सुपर बाजार का मालिक है । लिहाजा वहां से रुपये स्वेप किया जाता था। इसके अलावा वह भी एक कलेक्टर की भूमिका में था। कलेक्टर यानी टेरर फंडिंग के रुपये कलेक्ट कर आकाओं के निर्देश पर दूसरे जगह ट्रांसफर करना।  मुकेश को रमेश लेकर आया था। रमेश खाता खुलवाता था। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ व अन्य स्रोतों से जानकारी मिलने के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि मुख्य रूप से मास्टर माइंड रमेश शाह के द्वारा ही पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर भारत के विभिन्न प्रान्तों से अलग-अलग तिथियों में भारी धनराशि जमा कराई जाती थी। रमेश शाह को ही यह जानकारी होती थी कि विभिन्न बैंक खातों से धन किससे निकलवाकर पाकिस्तानी हैंडलर के पास कैसे भेजना है ।

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