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Jadavpur University Ragging Case: छात्र का हुआ था यौन उत्पीड़न, सामने आया ये बड़ा सच

Jadavpur University

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कोलकाता। जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) के प्रथम वर्ष के छात्र की असामान्य मौत के मामले में अब यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। पश्चिम बंगाल बाल सुरक्षा आयोग की सलाहकार अनन्या चक्रवर्ती ने कहा है कि मृत छात्र नग्न अवस्था में पाया गया था। उसके शरीर पर सिगरेट के टुकड़े थे। उन्होंने खुद अपने भाई को फोन किया और बताया कि उन्हें समलैंगिक कहा जा रहा है। इसलिए यह यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। लड़के की उम्र अभी 18 वर्ष नहीं हुई थी। इसलिए पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की जरूरत है।

बता दें कि जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) में बंगाली प्रथम साल के छात्र की छत से गिरने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने पूर्व छात्र सौरभ चौधरी और उसके सहयोगी साथियों मोनोतोष घोष और दीपशेखर दत्ता को गिरफ्तार किया है।

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल बाल सुरक्षा आयोग की सलाहकार अनन्या चक्रवर्ती ने रविवार को नदिया में मृत छात्र के घर का दौरा किया। वहां से निकलकर मीडिया से रूबरू होकर छात्रा ने मौत की घटना को पॉक्सो एक्ट के तहत लाने की मांग की।

मृत छात्र के साथ हुआ यौन उत्पीड़न

उन्होंने कहा, यह घटना पॉक्सो एक्ट के तहत आती है। मृत छात्र की उम्र मृत्यु के समय 17 वर्ष 9 माह 9 दिन थी। अनन्या चक्रवर्ती ने कहा, ”लड़का नग्न अवस्था में पाया गया था। उसके शरीर पर सिगरेट के टुकड़े थे। उन्होंने खुद अपने भाई को फोन किया और बताया कि उन्हें समलैंगिक कहा जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि इसलिए यह यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। इसलिए इस घटना पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की जरूरत है।” अनन्या चक्रवर्ती ने यह भी सवाल किया कि जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों में सीसी कैमरे क्यों नहीं हैं।

बाल सुरक्षा आयोग की सलाहकार ने छात्र के नाबालिग होने के कारण उसका नाम नहीं बताने का अनुरोध किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जादवपुर घटना में पॉक्सो एक्ट जोड़ा जा सकता है।

मृत छात्र पर हॉस्टल पर अत्याचार करने का आरोप

दूसरी ओर, मनोतोष के वकील अमी हक और दीपशेखर के वकील सौम्यशुब्र रॉय ने रविवार को अदालत को बताया कि उनके मुवक्किलों का नाम एफआईआर में नहीं है। वकीलों ने यह भी कहा कि उन पर हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला चल सकता है। लेकिन सरकारी वकील ने इसके ख़िलाफ़ दलील दी और कहा कि जांच में धीरे-धीरे पता चल रहा है कि इस घटना में कई लोग शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा ये गिरफ्तार छात्र या पूर्व छात्र सब कुछ नहीं बता रहे हैं। इसलिए घटना की तह तक जाने के लिए उन्हें पूर्ण अवधि की पुलिस हिरासत दी जानी चाहिए। सरकारी वकील ने अदालत में दो दलीलें पेश कीं। सबसे पहले हॉस्टल के रसोइये के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि रसोइये ने विस्तार से बताया कि कैसे छात्रावास में प्रथम वर्ष के छात्रों पर अत्याचार किया जाता है।

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सरकारी वकील ने छात्र का नाम लिए बिना कहा कि छात्र ने जादवपुर हॉस्टल में छात्रों पर अत्याचार के बारे में भी बताया। इसके बाद उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी हॉस्टल में इस तरह की प्रताड़ना काफी समय से चल रही है। लेकिन फिर भी इस घटना में गिरफ्तार एक पूर्व छात्र और दो छात्रों ने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। बाद में रविवार को अदालत ने दोनों को नौ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

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