• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस दिन भगवान जगन्नाथ करेंगे सहस्‍त्र धारा स्नान, फिर 14 दिनों तक नहीं देंगे दर्शन

Writer D by Writer D
19/06/2024
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Jagannath Rath Yatra

Jagannath Rath Yatra

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Yatra)  की तैयारी की जा रही है। इससे पहले ज्‍येष्‍ठ माह की पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ को सहस्त्र धारा स्नान करवाया जाएगा। इस दौरान भगवान जगन्नाथ (Jagannath), भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा और की पूजा की जाती है। सहस्‍त्र धारा स्नान भगवान जगन्नाथ के प्रमुख अनुष्ठानों में से एक है। इस दिन को देव स्नान पूर्णिमा कहा गया है। इस वर्ष यह विशेष पूर्णिमा 22 जून को है।

क्या है मान्यता

प्रत्येक वर्ष ज्‍येष्‍ठ माह की पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा को सहस्त्र धारा स्नान करवाया जाता है। इसके लिए देवताओं को स्नान मंडप तक लाया जाता है और जगन्नाथ मंदिर के अंदर मौजूद कुएं के जल से इन्हें स्नान करवाया जाता है। इस दौरान कई अनुष्ठान भी किए जाते हैं।

स्नान के लिए 108 घड़ों का उपयोग किया जाता है। जल में फूल, चंदन, केसर और कस्तूरी भी मिलाया जाता है। सहस्त्र धारा स्नान पूर्ण होने पर भगवान को ‘सादा बेश’ बनाया जाता है। दोपहर में ‘हाथी बेश’ पहनकर भगवान गणेश के रूप में तैयार किया जाता है।

14 दिन तक नहीं देंगे दर्शन

सहस्त्र धारा स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ 14 दिन तक भक्तों को दर्शन नहीं देते। माना जाता है कि ज्यादा नहाने से भगवान बीमार हो जाते हैं। इसलिए 14 दिनों तक भगवान का उपचार चलता है।

वहीं 15वें यानी आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मंदिर के कपाट खोले जाते हैं, जिसे नेत्र उत्सव कहा जाता है। नेत्र उत्सव के अगले दिन यानी आषाढ़ शुक्ल की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Yatra) के शुरू हो जाती है, जिसमें दुनिया भर से लोग शामिल होने पहुंचते हैं।

Tags: AstrologyAstrology tipsjagannath rath yatraJagannath YatraJagannath Yatra 2024
Previous Post

इस दिन से शुरू हो रहा है आषाढ़ माह, जानें क्‍या करें और क्‍या नहीं

Next Post

इनके साथ खाने में लाएं तीखापन, बढ़ जाएगा खाने का जायका

Writer D

Writer D

Related Posts

Chardham Yatra
Main Slider

चार धाम में पहुंचे 2.38 लाख से अधिक श्रद्धालु

26/04/2026
CM Yogi
Main Slider

उत्तर प्रदेश यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी एंड स्पीड की गारंटीः मुख्यमंत्री

26/04/2026
cm dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने सुना प्रधानमंत्री मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम, कहा- मिलती है आगे बढ़ने की प्रेरणा

26/04/2026
CM Yogi
Main Slider

सीएम के हाथों पुरस्कार पाकर बढ़ा हौसला

26/04/2026
Women constables
Main Slider

सीएम योगी की मौजूदगी में महिला आरक्षियों ने ली शपथ, बोलीं- मिला नया आत्मविश्वास

26/04/2026
Next Post
Fried Green Chillies

इनके साथ खाने में लाएं तीखापन, बढ़ जाएगा खाने का जायका

यह भी पढ़ें

Maha Kumbh 2025

महाकुम्भ 2025 के लिए प्रयागराज क्षेत्र में 350 शटल सेवा संचालित करेगा परिवहन निगम

14/12/2024
cm dhami

‘जौनसार बावर के जननायक पं. शिवराम’ पुस्तक का सीएम धामी ने किया विमोचन

19/08/2022
गैंगस्टर एक्ट

गैंगस्टर एक्ट के तहत 93 शातिर बदमशों पर कार्रवाई, 22 करोड़ रुपए की संपत्ति ज़ब्त

13/09/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version