अनुच्छेद 370 : कश्मीर को केंद्र में रखकर दुश्मन देश अब नहीं कर सकेंगे स्वार्थ सिद्धि

अनुच्छेद 370
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अजमेर। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35 ए हटाए जाने के निर्णय को अद्वितीय और ऐतिहासिक बताते हुए सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन ने स्वागत किया है। दरगाह दीवान ने कहा कि कश्मीर को केंद्र में रखकर दुश्मन देश अब अपनी स्वार्थ सिद्धि नहीं कर सकेंगे।

देश की मौजूदा सरकार ने यह ऐतिहासिक फैसला लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक दृष्टि से इस कांटे को हमेशा हमेशा के लिए ही मिटा दिया है। दरगाह दीवान ने इसके लिए देश की पूरी संसद और खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह को बधाई दी।

दरगाह दीवान ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के समक्ष कहा कि कश्मीर का मसला गत 70 साल से अटका हुआ था। 1949 में अनुच्छेद 370 को जोड़ा गया था। अनुच्छेद 370 और 35 ए के अस्तित्व को लेकर हर बार बहस होती रही।

इसे हटाने के लिए समय समय पर आवाजे उठती रही। लेकिन देश की किसी भी सरकार ने इस पर फैसला नहीं किया। मौजूदा मोदी सरकार ने जो जनता से वादा किया था यह संकल्प आज पूरा किया है।

अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से कश्मीर का मुद्दा एक तरह से हमेशा के लिए खत्म हो गया है। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग पहले भी था, है और हमेशा रहेगा।

दरगाह दीवान ने उम्मीद जताई कि जिस तरह इच्छा शक्ति दर्शा कर जम्मू-कश्मीर के मसले के समाधान का रास्ता प्रशस्त किया गया है, ऐसे ही देश के अन्य राज्यों की समस्याओं को भी ऐसी ही मजबूती से निर्णित किया जाना चाहिए। दरगाह दीवान ने कहा कि अन्य राज्यों में जहां अलगाववादी या अन्य समस्याएं है। जम्मू-कश्मीर की समस्या के आगे तो वे मामूली हैं, उनके भी हल निकाले जाने चाहिए।

दरगाह दीवान ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित राज्यों के लोगों को कहा कि वे ऐसा ना समझे कि उन्हें केंद्र शासित करने से वे अलग-थलग पड़ जाएंगे। दीवान ने कहा कि इस फैसले से इन राज्यों के लोगों के तरक्की के रास्ते खुल गए हैं। दरगाह दीवान ने अपेक्षा की कि जम्मू कश्मीर व लद्दाख निवासी देश की मुख्य धारा से जुड़ें ।

आज पूरा देश और विदेशों में बैठे लोग भी इस उपलब्धि को अद्वितीय व ऐतिहासिक मान रहे हैं। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को जो केंद्र शासित राज्य घोषित कर जो विशेष दर्जा दिया है, उससे वहां तरक्की के मार्ग खुलेंगे। लोगों को शिक्षा व रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

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