कर्नाटक: बसपा की एकमात्र सीट मायावती के लिए है संजीवनी

कर्नाटक

लखनऊ। कर्नाटक में भले ही बसपा ने एक ही सीट पर जीत हासिल की हो। लेकिन ये एकमात्र सीट मायावती के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। दक्षिण में एक सीट जीतकर मायवती की पार्टी ने दस्तक दी है। बता दें कि बसपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं कोल्लेगाला निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार एन महेश ने कांग्रेस उम्मीदवार ए.आर. कृष्णमूर्ति को 19, 454 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की है।

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कर्नाटक में ये एक सीट बसपा के लिए साबित होगी संजीवनी

यूपी में 2012 में सत्ता से बेदखल होने के बाद बसपा बेहद ख़राब दौर से गुजर रही है। वहीं दक्षिण के राज्य कर्नाटक में मिली ये जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है। इस जीत से बसपा को अपने राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे को बरकरार रखने में काफी मदद मिलेगी। इतना ही नहीं कर्नाटक में बसपा का वोट शेयर भी बढ़ा है। बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा पाना खाता भी नहीं खोल पायी थी। अब उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा बचाने की चुनौती है।

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बसपा विधायक से भाजपा ने मांगा समर्थन

वहीं चुनाव नतीजों को घोषित किए जाने पर किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाया वहीं सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करके भाजपा नेता येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ले ली है। वहीं अब भाजपा को बहुमत साबित करने की चुनौती है। जिसको लेकर भाजपा जोड़-तोड़ की राजनीति में जुट गयी है। इसी क्रम में बसपा के एक मात्र विधायक महेश ने भाजपा पदाधिकारियों द्वारा समर्थन मांगने का दावा किया है। उन्होंने मीडिया से कहा कि भाजपा पादाधिकारियों ने उनसे संपर्क किया। उनका दावा था कि उन्हें भाजपा की सरकार को समर्थन देने के लिए कहा गया।

महेश ने आगे कहा कि हालांकि, मैंने भाजपा पदाधिकारियों की बात पर बहुत ध्यान नहीं दिया। मैनें बोल दिया कि इस बारे में पार्टी की राष्ट्रीय नेता मायावती जो कहेंगी वही करुंगा। उन्होंने कहा कि मैनें भाजपा पदाधिकारियों से कह दिया कि वह हमारी राष्ट्रीय नेता मायावती से संपर्क करें। मैं पूरी मजबूती के साथ जद (एस) के साथ हूं। महेश चामराजनगर जिले के कोल्लेगल विधानसभा से निर्वाचित हुए हैं। बसपा ने विधानसभा का चुनाव जद (एस) के साथ मिलकर लड़ा था।

बसपा ने उतारे थे 21 उम्मीदवार

गौरतलब है कि कर्नाटक चुनाव में बसपा ने पूर्व पीएम एच डी देवेगौड़ा की अगुआई वाली जेडीएस से चुनावी गठबंधन किया था और राज्य की 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें महेश समेत 11 उम्मीदवार दलित समुदाय से थे। पार्टी ने राज्य में पिछली बार 1994 के चुनाव में बिदर सीट जीती थी। कोल्लेगल सीट पर जीत के साथ बसपा को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा भी बचाने में मदद मिलेगी। पार्टी का लोकसभा में एक भी सांसद नहीं है।

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