कर्नाटक की सरकार: येदियुरप्पा ने ली सीएम पद की शपथ, कांग्रेस के पास एक ही उम्मीद

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नई दिल्ली। कर्नाटक की सरकार बनाने का ड्रामा अब अपने चरम पर पहुंच गया है। जैसा कि पहले ही कहा जा रहा था कि भाजपा नेता बी.एस येदियुरप्पा गुरूवार को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है। कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने भाजपा नेता बी.एस येदियुरप्पा को राजभवन में सीएम पद की शपथ दिलाई। उन्होंने कर्नाटक के 25वीं सीएम के तौर पर शपथ ली है। वहीं कांग्रेस और जेडीएस के विधायक विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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कर्नाटक की सरकार बनाने के लिए भाजपा के पास बहुमत नहीं

बता दें कि कर्नाटक चुनाव के नतीजे में किसी भी पार्टी को बहुमत हासिल नहीं हो पाया है। हालांकि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। लेकिन उसको बहुमत हासिल नहीं है। वहीं कांग्रेस और जेडीएस को संयुक्त रूप से बहुमत प्राप्त है। ऐसे में भाजपा को सरकार बनाने का मौका दिया जाना कई तरह के सवाल खड़े करता है। कांग्रेस ने राज्यपाल के इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट चली गयी है जहां शुक्रवार को सुनवाई होगी।

भाजपा के पास 104 सीट हैं। सूत्रों की माने तो राज्यपाल भाजपा को बहुमत साबित करने की तारीख का ऐलान कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल वजूभाई वाला ने बुधवार को भाजपा विधायक दल के नेता येदियुरप्पा को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।

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राज्यपाल के पक्षपात पर कांग्रेस का वार

कर्नाटक की सरकार की सरकार बनाने के लिए राज्यपाल द्वारा भाजपा को मौका दिए जाने पर कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया दिखाई है। कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि राज्यपाल वजुभाई वाला ने संविधान की बजाय ‘भाजपा में अपने मालिकों’ की सेवा चुनी और ‘भाजपा की कठपुतली’ के तौर पर काम किया। वह इस फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। वजूभाई ने येदियुरप्पा से मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के 15 दिन के अंदर विश्वास मत हासिल करने को भी कहा। इससे पहले, कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए पुरजोर प्रयास करते हुए येदियुरप्पा और नवगठित जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के नेता एच.डी. कुमारस्वामी, दोनों ने ही राज्यपाल वाला से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।

भाजपा ने राज्यपाल का किया बचाव

दूसरी तरफ भाजपा ने कर्नाटक के राज्यपाल के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि राज्यपाल ने बी एस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता देने में संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार कदम उठाया है। उसने कांग्रेस पर जनादेश को लूटने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। येदियुरप्पा को 15 दिन का समय 104 सीटों को 111 में बदलने के लिए दिया गया है। 224 सदस्यीय विधानसभा में 104 विधायकों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है।

वहीं, चुनाव के पश्चात बने जद (एस)-कांग्रेस गठबंधन के 116 विधायक हैं। गठबंधन ने एक निर्दलीय विधायक का समर्थन होने का भी दावा किया है। सबसे बड़ी पार्टी या चुनाव पूर्व या चुनाव बाद बने गठबंधन को सरकार बनाने का न्यौता देने की परंपरा रहने को देखते हुए राज्यपाल वाला ने पहले विकल्प को चुना। वह गुजरात में आरएसएस-भाजपा के बड़े नेता रह चुके हैं।

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