कठुआ गैंगरेप: पीड़िता की मां ने कहा हम नहीं चाहते CBI जांच

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नई दिल्ली। कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले ने पूरे देश को आंदोलित कर दिया। साल 2012 के दिसंबर माह में दिल्ली में हुए निर्भय कांड के बाद कठुआ गैंगरेप के मामले ने काफी सवाल खड़े कर दिए। जिसको लेकर राजनीति भी जमकर हुई। लेकिन इस बीच पीड़ित परिवार का दर्द समझने के लिए कोई भीबात करने नहीं गया। एक टीवी चैनल के संवाददाता ने पीड़िता के परिवार से बात किया। जिसमें पीड़िता की मां ने कहा कि वह इस मामले की सीबीआई जांच नहीं चाहते हैं। वह इस मामले में क्राइम ब्रांच की जांच से संतुष्ट हैं।

कठुआ गैंगरेप पीड़िता की मां ने सांझी राम को बताया मुख्य आरोपी

कठुआ रेप केस में पीड़ित परिवार का कहना है कि जब रिपोर्ट लिखाई तब आरोपी को नहीं पकड़ा गया। ऐसे में अगर आरोपी छूटे तो उनकी जान को ख़तरा हो सकता है। साथ ही परिवार का कहना है कि आरोपी सांझी राम बेगुनाह नहीं है। साथ ही पीड़िता की मां ने बताया कि बहुत लोग उनके पास आए और कहा कि CBI जांच की मांग करो। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की है और सीबीआई को जांच की मांग भी की है, ताकि उन्‍हें न्‍याय मिल सके।  गौरतलब है कि जनवरी में आठ साल की एक मासूम बच्ची का शव कठुआ के रासना जंगल से मिला था। जिसमें उससे गैंगरेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी।

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आरोपियों ने पुलिस पर साधा निशाना

सांझी राम और विशाल जंगोत्रा ने दावा किया कि पुलिस एक निष्पक्ष जांच करने में नाकाम रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि मामले की जांच करने वाली विशेष टीम में दागी अधिकारी भी शामिल थे। इसके अलावा आरोपियों ने पीड़िता के पिता द्वारा दाखिल याचिका का भी विरोध किया है। जिसमे उन्होंने दलील दी है कि मामले में 221 गवाह हैं और चंडीगढ़ जाकर अदालती कार्यवाही में शामिल होना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने 27 अप्रैल को मुकदमे की सुनवाई पर  7 मई तक के लिए रोक लगा दी थी।

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