कठुआ रेप केस: आरोपी ने जुर्म कबूला, बच्ची की हत्या के पीछे बतायी खौफनाक वजह

कठुआकठुआ

नई दिल्ली। कठुआ में बच्ची के साथ गैंगरेप के मामले में एक आरोपी अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने इस मामले में जांच में जुटी पुलिस की चौकाने वाली बातें बतायी है। जानकारी के मुताबिक मुख्य में में से एक सांझी राम ने हत्या की बात कबूल करते हुए हत्या के पीछे मकसद को बताया है। सांझी राम ने बताया कि उसे बच्ची के अपहरण के चार दिनों बाद रेप की बात पता चली थी। उसे पता चल की इसमें उसका बेटा भी शामिल है तो उसने बच्ची की हत्या कर सभी सबूतों को मिटाने का फैसला किया था।

पढ़ें:- लखनऊ: भाभी के भाई ने किशोरी से किया दुष्कर्म, प्रेम-प्रसंग का शक

कठुआ मामले में दिल को दहलाने वाली कहानी

इस मामले में जांच कर रहे अधिकारियों के सामने जांचकर्ताओं ने सांझी राम ने हत्या की बात को कबूला उनसे बताया कि 10 जनवरी को अपह्रत नाबालिग से उसी दिन सबसे पहले सांझी राम के नाबालिग भतीजे ने रेप किया था। इसके बारे मे उसको तब पता चल जब 13 जनवरी को जब उसके भतीजे ने अपना गुनाह कबूल किया। आरोपी ने बताया कि उसने ‘देवीस्थान ’में पूजा की और अपने भतीजे को घर प्रसाद ले जाने को कहा, लेकिन वह देर करता रहा। इस बात से नाराज उसने अपने भतीजे को पीटा।

सांझी राम ने आगे बताया कि पिटने के बाद उसके भतीजे को लगा कि शायद उसके चाचा को लड़की से रेप करने की बात पता चल गई है और उसने खुद ही सारी बात कबूल कर ली। उसने अपने चचेरे भाई यानि सांझी राम का बेटे विशाल को भी इस मामले में फंसाया और कहा कि दोनों ने मंदिर के अंदर बच्ची से रेप किया।

आरोपी ने बताया कि जब उसको पता चला कि इस मामले में उसका बेटा भी गुनाहगार है। इस बाद उसने तय किया कि बच्ची को मार दिया जाना चाहिए। जिससे वह अपने बेटे तक पहुंचने वाले हर सुराग को मिटा सके। साथ ही घूमंतु समुदाय को भगाने के अपने मकसद को भी हासिल कर सके।

पढ़ें:- उन्नाव रेप केस : आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भेजा गया जेल 

बच्ची को मारने का बनाया खौफनाक प्लान

सांझी राम ने बताया कि इसके बाद 14 जनवरी को उसने बच्ची की हत्या कर दी। हालांकि इसके बाद चीजें उसके प्लान के मुताबिक नहीं हुईं।उसने आरोपी ने बताया कि वह बच्ची को मारने के बाद उसे हीरानगर नहर में फेंकना चाहता था। लेकिन वाहन का इंतजाम नहीं होने के कारण उसे उसी‘देवीस्थान ’ में वापस ले आया जिसका सांझी राम सेवादार था। बाद में बच्ची का शव 17 जनवरी को जंगल से बरामद हुआ था। इस मामले जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि सांझी राम ने अपने भतीजे को जुर्म स्वीकार करने के लिए तैयार कर लिया था। लेकिन बेटे विशाल को इससे दूर रखा और उसे आश्वासन दिया था कि उसे रिमांड होम से जल्द बाहर निकाल लेगा।

गौरतलब है कि इस मामले में नाबालिग के अलावा सांझी राम , उसके बेटे विशाल और पांच अन्य को आरोपी बनाया गया है। जांचकर्ताओं ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया कि बच्ची को हिंदू वर्चस्व वाले इलाके से घुमंतू समुदाय के लोगों को डराने और हटाने के लिए यह पूरी साजिश रची गई। दूसरी तरफ, सांझी राम के वकील अंकुर शर्मा ने जांचकर्ताओं द्वारा किए जा रहे घटना के इस वर्णन पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और कहा कि वह अपनी बचाव रणनीति नहीं बता सकते।

Loading...
loading...

You may also like

खुशखबरी : लगातार निकाल रहे है 100, 200 और 500 रुपय के नोट

🔊 Listen This News प्रयागराज। यूपी बोर्ड की