• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आज ऐसे रखें ऋषि पंचमी का व्रत, देखें पूजन विधि और कथा

Writer D by Writer D
01/09/2022
in धर्म, फैशन/शैली
0
Rishi Panchami

Rishi Panchami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी (Rishi Panchami) मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन अनजाने में हुई गलतियों से प्रायश्चित के लिए उपवास किया जाता है। ऋषि पंचमी पर पुरुष और महिलाएं सप्त ऋषियों की पूजा करती हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। इन सप्त ऋषियों के नाम कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ है। इस साल ऋषि पंचमी का व्रत गुरुवार, 01 सितंबर को रखा जाएगा।

ऋषि पंचमी (Rishi Panchami) पर कैसे करें व्रत?

ऋषि पंचमी (Rishi Panchami) के दिन सूर्योदय से पहले स्‍नान कर लें और साफ-सुथरे हल्के पीले रंग के वस्‍त्र धारण करें। एक लकड़ी की चौकी पर सप्त ऋषियों की फोटो या विग्रह लगाएं और उनके सामने जल भरकर कलश रखें। सप्‍त ऋषि को धूप-दीपक दिखाकर पीले फल-फूल और मिठाई अर्पित करें। अब सप्त ऋषियों से अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें और दूसरों की मदद करने का संकल्प लें। व्रत कथा सुनने के बाद आरती करें और प्रसाद खिलाएं। अपने बड़े बुजुर्गों के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें।

ऋषि पंचमी (Rishi Panchami) की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, विदर्भ में उत्तक नाम का ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ निवास किया करता था। दोनों की दो संतानें थी- एक पुत्र और एक पुत्री। ब्राह्मण ने योग्य वर देखकर अपनी बेटी का विवाह उसके साथ कर दिया है। लेकिन कुछ दिन बाद ही उसकी अकाल मृत्यु हो गई। इसके बाद उसकी बेसहारा पत्नी अपने मायके वापस लौट आई। एक दिन जब उत्तक की विधवा पुत्री सो रही थी, तब मां को उसके शरीर में कीड़े उत्पन्न होते नजर आए। ये देख वो घबरा गई और फौरन इसकी सूचना अपने पति को दी।

उत्तक ब्राह्मण ने ध्यान लगाने के बाद बताया कि पूर्वजन्म में उसकी पुत्री ब्राह्मण की पुत्री थी। लेकिन माहवारी के दौरान उससे एक बड़ी गलती हो गई थी। उसने माहवारी की अवस्था में बर्तनों को छू लिया था और ऋषि पंचमी का व्रत भी नहीं किया था। इस वजह से ही उसकी ये दशा हुई है। तब पिता के कहने पर पुत्री ने ऋषि पंचमी का व्रत किया और स्वस्थ हो पाई।

Tags: Rishi PanchamiRishi Panchami kathaRishi Panchami pujaRishi Panchami vratRishi Panchami2022
Previous Post

गणेश चतुर्थी पर करें इस मंत्र का जाप, कुंडली में मंगल दोष होगा समाप्त

Next Post

UP में 16 IAS अफसरों का ट्रांसफर, अमित मोहन से छिना स्वास्थय विभाग

Writer D

Writer D

Related Posts

money
धर्म

इस दिशा में पैसे रखने की न करें भूल, उठाना पड़ेगा नुकसान

02/07/2026
Skin Tanning
फैशन/शैली

चेहरे की टैनिंग से है परेशान, आजमाए ये फेस मास्क

02/07/2026
Coconut Oil
फैशन/शैली

नेचुरल ग्लो पाने के लिए इनका करें इस्तेमाल

02/07/2026
Hair Color
फैशन/शैली

बालों को कलर करते समय इन बातों का रखें ध्यान, वरना हो जाएंगे खराब

02/07/2026
Sooji Pakora
फैशन/शैली

बरसात का मौसम लगेगा और भी सुहाना जब मिल जाएगा इन पकौड़े का साथ

02/07/2026
Next Post
Transfer

UP में 16 IAS अफसरों का ट्रांसफर, अमित मोहन से छिना स्वास्थय विभाग

यह भी पढ़ें

Banks

NABARD बैंक का बने हिस्सा, इस वैकेंसी के लिए ऐसे करें अप्लाई

20/07/2022
IFS

फॉरेस्ट ऑफिसर बनने का है ख्वाब, तो यहां मिलेगी सारी जानकारी

20/05/2022
Converted Muslim girl pleads for protection

नसरीन बनी नेहा ने प्रेमी संग लिए सात फेरे, घरवालों से जताया जांका खतरा

15/05/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version