घर में लगी घड़ी (Clock) सिर्फ समय बताने का काम नहीं करती। वास्तु शास्त्र में इसे समय की गति, निरंतरता और जीवन में आगे बढ़ने का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि घर में रखी बंद या टूटी घड़ी को लेकर कुछ वास्तु मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।
मान्यता के अनुसार, लंबे समय तक बंद पड़ी घड़ी घर में रुकी हुई ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए वास्तु को मानने वाले लोग ऐसी घड़ी को घर में रखने से बचने की सलाह देते हैं।
टूटी घड़ी को लेकर क्या है मान्यता?
वास्तु के अनुसार चलती हुई घड़ी समय के साथ आगे बढ़ने का संकेत देती है। वहीं टूटी या खराब घड़ी को समय के रुकने से जोड़कर देखा जाता है।
मान्यता है कि ऐसी चीजें घर में रहने से कामकाज में रुकावट, निर्णय लेने में परेशानी और तरक्की में बाधा जैसी स्थितियां बन सकती हैं। हालांकि, ये बातें वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं।
लंबे समय से बंद है तो क्या करें?
कई बार घड़ी की बैटरी खत्म हो जाती है और लोग उसे महीनों तक वैसे ही दीवार पर लगाए रखते हैं। वास्तु के नजरिए से ऐसी स्थिति को ठीक नहीं माना जाता।
अगर घड़ी आसानी से ठीक हो सकती है तो उसकी बैटरी बदलकर या मरम्मत कराकर दोबारा चला सकते हैं। लेकिन अगर वह पूरी तरह खराब हो चुकी है तो उसे घर से हटा देना बेहतर माना जाता है।
क्या इससे सच में दुर्भाग्य आता है?
बंद या टूटी घड़ी रखने से दुर्भाग्य या आर्थिक नुकसान होता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसे मुख्य रूप से वास्तु और धार्मिक मान्यता के तौर पर देखा जाता है।
इसलिए घड़ी को लेकर इन बातों को आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के नजरिए से समझना चाहिए।
घड़ी के साथ अपनाएं यह आसान उपाय
घर में लगी सभी घड़ियों को समय-समय पर चेक करते रहें। जो घड़ी बंद हो गई है, उसे ठीक कराएं और अगर वह इस्तेमाल के लायक नहीं है तो उसे हटा दें।
यानी वास्तु मानें या न मानें, घर में खराब और बेकार पड़ी चीजों को हटाना वैसे भी एक अच्छा तरीका है।
