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प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी बनेगी विश्वस्तरीय धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक नगरी: केशव मौर्य

Keshav Maurya

Keshav Maurya

वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा वाराणसी के लिए कुल ₹25,445.96 करोड़ की लागत वाली दो महत्त्वपूर्ण मेगा हाईवे एवं एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रधानमंत्री का हृदय से आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी के सर्वांगीण विकास को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके नेतृत्व में वाराणसी विश्वस्तरीय धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन एवं आर्थिक केंद्र के रूप में निरंतर विकसित हो रही है। अब इन दोनों महत्त्वपूर्ण एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं के निर्माण से वाराणसी की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा तथा शहर को जाम की गंभीर समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।

उन्होंने (Keshav Maurya) बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं में पहली परियोजना ₹10,998.32 करोड़ की लागत से वरुणा नदी कॉरिडोर का निर्माण है, जिसके अंतर्गत वरुणा नदी के किनारे-किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाला आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर शहर के भीतर यातायात के दबाव को कम करेगा तथा तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगा। दूसरी महत्त्वपूर्ण परियोजना ₹14,447.64 करोड़ की लागत से गंगा नदी कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) तथा वाराणसी रिंग रोड के मध्य गंगा नदी के किनारे छह लेन का आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें एक अत्याधुनिक केबल-स्टे ब्रिज का भी निर्माण शामिल है। यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण होगी तथा वाराणसी की परिवहन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

उप मुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की भावना के अनुरूप तैयार की गई है। इसके माध्यम से चंदौली विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) जैसे आर्थिक केंद्र, चंदौली आकांक्षी जिला जैसे सामाजिक केंद्र तथा छह प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब—लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, काशी रेलवे स्टेशन, बनारस रेलवे स्टेशन, वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तथा रामनगर आईडब्ल्यूटी (अंतर्देशीय जलमार्ग) बंदरगाह—एक-दूसरे से प्रभावी रूप से जुड़ जाएंगे। इससे बहुआयामी परिवहन प्रणाली को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी तथा माल एवं यात्री परिवहन दोनों अधिक सुगम और तेज होंगे। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद काशी विश्वनाथ धाम, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), नमो घाट, रामनगर किला तथा वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों तक देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की पहुंच और अधिक सहज एवं सुविधाजनक हो जाएगी। इससे धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन तथा स्थानीय व्यापार को व्यापक बढ़ावा मिलेगा। साथ ही होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, लघु उद्योग तथा सेवा क्षेत्र में रोजगार एवं निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे।

श्री मौर्य ने कहा कि प्रस्तावित गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर वाराणसी में आधुनिक, उच्च क्षमता वाला शहरी परिवहन तंत्र स्थापित करेगा, जो शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा, ईंधन की बचत होगी तथा प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। यह परियोजना शहर के भीतर और बाहरी क्षेत्रों के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित कर वाराणसी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करेगी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेसवे, पुल, रेलवे, हवाई अड्डों और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की डबल इंजन सरकार प्रदेश को विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित कर विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों मेगा परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद वाराणसी केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी ही नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी अवसंरचना, व्यापार, निवेश, पर्यटन और बहुआयामी परिवहन का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरेगा। उन्होंने पुनः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्रिमंडल का प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय पूर्वांचल के समग्र एवं सतत विकास को नई दिशा और नई गति प्रदान करेगा।

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