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सदन का समय बर्बाद कर जनता के धन का दुरुपयोग का घोतक न बने विपक्ष: केशव मौर्य

Keshav Maurya

Keshav Maurya

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज विधान सभा स्थित कक्ष संख्या-101 में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। यह उच्चस्तरीय बैठक मुख्य रूप से विधान परिषद (उच्च सदन) में लोक निर्माण विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों और सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के संबंध में बुलाई गई थी।

बैठक में विभाग के कार्यों को गति देने और सदन में उठाए गए जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही तय करने के लिए शासन और लोक निर्माण विभाग के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव (लोक निर्माण विभाग) अजय चौहान, PWD सचिव प्रकाश बिन्दुण, तथा प्रमुख अभियन्ता अशोक कुमार द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

सदन की गरिमा और जनहित सर्वोपरि

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विधान परिषद और विधान सभा में माननीय सदस्यों द्वारा उठाए गए हर एक सवाल का समयबद्ध और तथ्यात्मक जवाब तैयार किया जाए। जनता से जुड़ी समस्याओं और विभागीय परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सदन में उठने वाले हर विषय को पूरी गंभीरता से लें और धरातल पर कार्यों को तेजी से पूरा करें।

विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील

सदन की कार्यवाही और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार हर हाल में सदन को सुचारू रूप से और नियमसंगत तरीके से चलाना चाहती है। सदन की कार्यवाही प्रदेश के विकास और जनता की आवाज को उठाने का मंच है।” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए अपील की, “मैं विपक्ष से पुरजोर अनुरोध करता हूँ कि वे सदन का कीमती समय बर्बाद न करें। सदन की कार्यवाही बाधित करने से न केवल जनता के मुद्दों की अनदेखी होती है, बल्कि प्रदेशवासियों के टैक्स के पैसे (धन) का भी भारी दुरुपयोग होता है। विपक्ष को सकारात्मक चर्चा में भाग लेना चाहिए।”

समयबद्ध कार्ययोजना बनाने के निर्देश

श्री मौर्य ने अधिकारियों को विभाग की चालू परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा और निर्देश दिया कि सड़कों के गड्ढामुक्ति अभियान, नए पुलों के निर्माण और ग्रामीण कनेक्टिविटी से जुड़े जिन कार्यों पर सदन में चर्चा हुई है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

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