लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए इसे प्रदेश के प्रत्येक गांव तक पहुँचाया जाये, योजना का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता एवं संपर्क अभियान चलाया जाए। गांवों में बैठकों, जनजागरूकता कार्यक्रमों तथा अन्य माध्यमों से ग्रामीणों को योजना के प्रावधानों एवं पात्रता के संबंध में जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर योजना का संचालन पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को पात्र लोगों को चिन्हित कर उन्हें योजना से जोड़ना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। योजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगे। डबल इंजन की भाजपा सरकार युवाओं और ग्रामीण महिलाओं को रोजगारयुक्त एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सरकार का निरंतर प्रयास है कि गांवों में रहने वाले लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों, ताकि उन्हें रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और वे अपने गांव में रहकर ही सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि “डबल इंजन सरकार युवाओं और ग्रामीण महिलाओं को रोजगारयुक्त एवं आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए वचनबद्ध है। इसी दिशा में हम प्रत्येक दिन कुछ नया सोचते हैं, नई योजनाओं और नए अवसरों के माध्यम से प्रदेश के जनमानस के जीवन को सुखमय और समृद्धमय बनाने का प्रयास करते हैं।”
गांवों के युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर ही समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
