Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के लिए परकोलेशन टैंक बेहद जरूरी: केशव मौर्य

Keshav Maurya

Keshav Maurya

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि VB-G RAM G के अंतर्गत संचालित विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत परकोलेशन टैंक (रिसाव तालाब) का निर्माण जल सुरक्षा के लिए अनुमन्य एवं अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है, जिसे प्रत्येक पात्र ग्राम पंचायत में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन की आधारशिला है। जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा तथा लगातार घटते भूजल स्तर को देखते हुए वर्षा जल का संरक्षण और भूजल पुनर्भरण अत्यंत आवश्यक हो गया है। ऐसे में परकोलेशन टैंक प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का एक प्रभावी, टिकाऊ एवं वैज्ञानिक माध्यम सिद्ध हो रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर ऐसे स्थानों का चयन किया जाए, जहां वर्षा जल का अधिकतम संचयन संभव हो तथा परकोलेशन टैंक के निर्माण से भूजल स्तर में प्रभावी सुधार लाया जा सके। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक कार्य का नियमित निरीक्षण किया जाए और योजना के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित की जाए।

श्री मौर्य ने कहा कि परकोलेशन टैंक वर्षा के दौरान एकत्रित जल को धीरे-धीरे भूमि के भीतर पहुंचाकर भूजल रिचार्ज का कार्य करते हैं। इससे भूजल स्तर में वृद्धि होती है तथा गांवों में कुओं, हैंडपंपों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों में जल की उपलब्धता बेहतर होती है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल प्राप्त होगा, कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को कम करने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कैच द रेन” अभियान तहत जल संरक्षण संबंधी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, सतत विकास तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहायक हों। परकोलेशन टैंक का निर्माण इसी व्यापक सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया जाए तथा जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि यह अभियान जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर सके।

उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण के कार्यों में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि “जल संरक्षण की दिशा में आज का प्रयास, कल के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

Exit mobile version