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मुख्यमंत्री आवास योजना में असहाय महिलाओं, दिव्यांगों और वंचितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें: उपमुख्यमंत्री

Keshav Maurya

Keshav Maurya

लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में असहाय विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों, दैवीय आपदा एवं गंभीर बीमारी से प्रभावित परिवारों, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा अन्य पात्र वंचित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए। अधिकारीयों से कहा कि पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का संकल्प है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार कच्चे मकान में रहने के लिए मजबूर न हो और उसे सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन का अवसर मिले।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब तक लगभग 5 लाख परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन जीने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत लगभग 1.16 लाख नए पक्के मकानों की कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करते हुए वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए। सभी जिलों में पात्र लाभार्थियों की जिलेवार सूची संकलित की जाए और पात्रता के आधार पर योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ दिया जाए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के चयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा पक्षपात स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गांव-गांव जाकर वास्तविक पात्र परिवारों का चिन्हांकन किया जाए तथा विशेष रूप से विधवा, दिव्यांग, आपदा एवं गंभीर बीमारी से प्रभावित और सामाजिक रूप से वंचित परिवारों की स्थिति का संवेदनशीलता के साथ आकलन किया जाए। पक्का मकान केवल एक भवन नहीं, बल्कि गरीब परिवार के लिए सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार है। डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के माध्यम से गरीबों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवास निर्माण की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा किसी भी स्तर पर आने वाली समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंच सके।

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