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अंबेडकर जी का जीवन प्रेरणा का स्तंभ: केशव मौर्य

Kesahv Prasad Maurya

Kesahv Prasad Maurya

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Kesahv Prasad Maurya) ने आज अपने सरकारी आवास पर भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पी, समाज सुधारक एवं ‘भारत रत्न’ से अलंकृत बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने डॉ. अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण किया और हाथ जोड़कर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया। पूरा परिसर ‘बाबासाहेब अमर रहें’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को विभिन्न प्रकार के आकर्षक फूलों और मालाओं से भव्य रूप से सजाया गया था।

श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उप मुख्यमंत्री (Kesahv Prasad Maurya) ने कहा: बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का जीवन संघर्ष, ज्ञान और मानवता के प्रति अटूट सेवा का प्रतीक है। उन्होंने न केवल देश को एक सशक्त संविधान दिया, बल्कि समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण के मार्ग में हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं।

आज सरकारी आवास पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Kesahv Prasad Maurya) ने भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न से अलंकृत बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के लिए डबल इंजन सरकार ने बहुत कुछ किया,

यह चित्र भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दी गई एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि को दर्शाता है।

श्री मौर्य (Kesahv Prasad Maurya) ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बाबासाहेब के सम्मान और उनके विजन को धरातल पर उतारने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार ने बाबासाहेब के जीवन से जुड़े पांच मुख्य स्थानों (जन्मभूमि-महू, दीक्षाभूमि-नागपुर, चैत्यभूमि-मुंबई, महापरिनिर्वाण स्थल-दिल्ली और लंदन स्थित आवास) को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है, संविधान दिवस की शुरुआत: 26 नवंबर को प्रतिवर्ष ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत की गई, ताकि भावी पीढ़ियां बाबासाहेब के योगदान और संवैधानिक मूल्यों को समझ सकें।

‘स्टैंड-अप इंडिया’ और ‘मुद्रा योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से दलित और वंचित वर्ग के युवाओं को उद्यमी बनने के अवसर प्रदान किए गए हैं, डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले ऐप का नाम BHIM (Bharat Interface for Money) रखकर उनके आर्थिक विजन को सम्मान दिया गया। नई दिल्ली में एक विश्वस्तरीय शोध और वैचारिक केंद्र की स्थापना की गई है, जो उनके विचारों के प्रसार का केंद्र बना है।

श्री मौर्य ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बाबासाहेब के ‘अंत्योदय’ के सपने को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे डॉ. अंबेडकर के शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो के मंत्र को अपने जीवन में उतारें।

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