लखनऊ में KGMU प्रशासन की तरफ से आज चौक स्थित क्वीन मैरी हॉस्पिटल के बगल में बनी मजार को हटाने के लिए नोटिस लगाई गई। मजार की देख-रेख करने वाले मुस्लिम परिवार को 15 दिन का समय दिया गया। नोटिस में लिखा गया है कि अगर जिम्मेदार खुद मजार नहीं हटाते तो KGMU प्रशासन मजार हटाने की कार्रवाई करेगा। KGMU प्रशासन ने कहा कि ये मजार अवैध कब्जा कर बनाई गई है। अगर प्रशासन इसे हटवाता है तो जो खर्च आएगा, वो भी जिम्मेदारों से ही वसूल किया जाएगा।
वहीं इस मजार की रख-रखाव करने वाली कैंसर जहां ने बताया कि, “ये मजार शेख फरीदुल हक की है, जो 600 साल पुरानी है। उनकी कई पीढ़ियों द्वारा इस मजार का रख-रखाव किया जा रहा है। मजार पर हिंदू, मुस्लिम सभी लोग समुदाय के लोग आते हैं। अब यहां नोटिस लगाया गया है। अब हम इसमें क्या कर सकते हैं। अब जो भी होगा, वो सरकार जाने।”
शेख फरीदुल हक शाह की मजार के मुजाविर मोहम्मद शकील ने बताया कि हमारे बाप-दादा इस मजार की सेवा करते आए हैं। हर साल यहां पर उर्स लगता है, जिसकी परमिशन सरकार देती है और अब नोटिस लगाई गई है तोड़ने के लिए। इसके लिए हम KGMU प्रशासन से बात करेंगे। मोहम्मद शीकर ने कहा कि KGMU की हेड रह चुकीं डॉक्टर चंद्रा अभी भी इस मजार पर चादर चढ़ाने आती हैं।
KGMU ने कहा- 40 साल पुरानी है मजार
वहीं नोटिस जारी करने वाले KGMU के नोडल अधिकारी प्रोफेसर केके सिंह ने बताया कि अवैध कब्जे और मजारों को हटाने के संबंध में डेढ़ वर्ष पूर्व मौजूदा वाइस चांसलर द्वारा आदेश दिया गया था। एक टीम भी गठित की गई थी, जिसका नोडल अफसर मुझे बनाया गया था। प्रोफेसर केके सिंह ने बताया कि यह मजार 40 साल पुरानी है।
एक मजार जगत नारायण रोड पर 70 हजार स्क्वायर फीट में थी, उसको भी खाली करा लिया गया है। 5 अन्य मजारें बची हुई हैं। जो अवैध कब्जा कर बनाई गई हैं। उनको भी हटाने का नोटिस दिया गया है। इस नोटिस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन किया गया है। नोटिस में 15 दिन का समय दिया गया है। अगर जवाब नहीं देते हैं और खाली नहीं करते हैं तो नियमानुसार उनसे जबरिया खाली कराया जाएगा।
