केजीएमयू ट्रामा सेन्टर : निजी एम्बुलेंस दलालों का दबदबा कायम, तीमारदारों को धमकाना तो आम बात

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लखनऊ। केजीएमयू में निजी एंबुलेंस के दलालों का दबदबा आज भी कायम है। हालात यह है कि मरीज यदि 108 एंबुलेंस से किसी अन्य सरकारी अस्पताल जाने की तैयारी में होता है, तो उसे भी जबरन  निजी एंबुलेंस से जाने का दबाव बनाया जाता है।

पहले तो यह दलाल कम पैसे में दूसरे सरकारी अस्पताल पहुंचाने का दावा करते हैं बाद में ज्यादा पैसे वसूलने से बाज नहीं आते।

बुधवार को ट्रामा सेंटर में एक तीमारदार ने 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस की मांग की, इस बात की जानकारी ट्रामा सेंटर में बाहर खड़े निजी एंबुलेंस के दलाल को हो गयी। जिसके बाद वह दलाल सीधे तीमारदार के पास पहुंच गया और 500 रूपये में मरीज को पहुंचाने के लिए कहने लगा।

पहले तो मामला तय हुआ इसी बीच सरकारी एंबुलेंस आ गयी। इस पर तीमारदार ने निजी एंबुलेंस वाले का मना किया बस फिर क्या था मामला बिगड़ गया और एंबुलेंस का दलाल झगड़े पर उतर आया। जिसके बाद हंगामा खड़ा हो गया।

बाराबंकी निवासी मरीज विनोद (35) पिछले काफी समय से बुखार से पीडि़त चल रहा  था। तीमारदार अजय उसे लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां की इमरजेंसी के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार बाद मरीज को बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया।

परिजन मरीज को बलरामपुर अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी कर्मचारियों के इशारे में निजी एंबुलेंस के दलाल पहुंच गए।

मरीज को बलरामपुर अस्पताल तक जाने के लिए पांच सौ रुपए में बात तय हुई। इसी बीच तीमारदार ने 108 पर कॉल करके एंबुलेंस बुला ली। 108  एंबुलेंस पहुंचने पर निजी एंबुलेंस तीमारदार ने लेने से मना कर दिया। इससे  दलाल नाराज हो गया। उसने  तीमारदार से अभद्रता करना शुरू कर दिया। इसको लेकर तीमारदारों की एम्बुलेंस दलाल से हंगामा होने लगा। लोगों ने बीच बचाव करके मामला शांत कराया।

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