• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानिए इस वैज्ञानिक के बारे में जिसका नई शिक्षा नीति में खास रहा योगदान

Desk by Desk
30/07/2020
in Categorized, Main Slider, शिक्षा
0
डॉ कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन

डॉ कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

डॉ कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन को लोग इसरो के वैज्ञानिक के तौर पर ज्यादा जानते हैं। उनकी अगुआई में नौ सदस्यीय समिति ने नई शिक्षा नीति का प्रारूप मई के महीने में ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंपा गया था। डॉ कस्तूरीरंगन मूलतः एक वैज्ञानिक हैं और नौ साल तक इसरो में चेयरमैन के तौर पर अपनी सेवाएं देने के बाद वे शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मानों से अलंकृत डॉ कस्तूरीरंगन साल 2003 से 2009 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। योजना आयोग के सदस्य रह चुके डॉ कस्तूरीरंगन को साल 2017 में देश की नई शिक्षा नीति बनाने के लिए नौ सदस्यीय कमेटी का प्रमुख बनाया गया था।

कर्नाटक सरकार सिलेबस से टीपू सुल्तान सहित इन अध्यायों को हटाएगी

डॉ कस्तूरीरंगन की शिक्षा नीति में सरकार निजी और डीम्ड सभी तरह की यूनिवर्सिटी पर एक से नियम लागू होंगे। इसके तहत अब यूसीजी और एआईसीटी दोनों का विलय होगा और उच्च शिक्षा के सभी मामले को एक ही निकाय द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।

डॉ कस्तूरीरंगन जेएनयू के पूर्व चांसलर और कर्नाटक नॉलेज कमीशन के चेयरमैन भी रह चुके हैं। फिलहाल वे राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी और NIIT यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं।

केरल के एर्नाकुलम में 24 अक्टूबर 1940 के जन्मे डॉ कस्तूरीरंगन की शुरुआती पढ़ाई एर्नाकुलम में ही हुई। लेकिन उन्होंने अपने कॉलेज की तालीम मुंबऐई के माटुंगा में रामनारायन रुइया कॉलेज से विज्ञान में ऑनर्स के साथ पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सटी से अपनी फिजिक्स में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। 1971 में उन्होंने एक्सपेरिमेंटल हाई एनर्जी एस्ट्रोनॉमी में अपनी डॉक्टरेट हासिल की। एस्ट्रोनॉमी और स्पेस साइंस में उनके 244 शोधपत्र प्रकाशित हुए।

डॉ कस्तूरीरंगन भारत के पहले दो प्रयोगात्मक अर्थ ऑबजरवेशन सैटेलाइट, भास्कर 1 और भास्कर 2 के  प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी रह चुके हैं। उन्होंने इसरो सैटेलाइट सेंटर के निदेशक के तौर पर भी काम किया है। जिसके तहत इनसैट2, IRS1A, और 1B, को विकसित होने का काम हुआ।

उन्ही के नेतृत्व में ही भारत ने सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल्स के सफल ऑपरेशन किए जिसमें पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV)  और जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (GSLV) शामिल हैं। उन्हीं के मार्गनिर्देशन में ही रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट, इनसैट कम्यूनिकेशन सैटेलाइट जैसे सफल अभीयानों को अंजाम दिया गया।

डॉ कस्तूरीरंगन की अनुशंसित शिक्षा नीति में अमेरिका और यूरोपीय शिक्षा प्रणाली का भी प्रभाव है। इस नीति में बहुस्तरीय प्रवेश और निकास की व्यवस्था विकसित करने की कोशिश की गई है। इससे छात्र अपने स्नातक शिक्षा को बीच में ही छोड़ कर एक ब्रेक ले सकेंगे और बाद में उसे पूरा भी कर सकेंगे।

Tags: new education policy was specialडॉ कस्तूरीरंगनवैज्ञानिक
Previous Post

महाराष्ट्र में सीएम उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन 31 अगस्त तक बढ़ाया

Next Post

बलिया में 91 नए कोरोना पाॅजिटिव मिले, संक्रमितों की संख्या 1648 पहुंची

Desk

Desk

Related Posts

THDC Tunnel: Dhami briefed the CMs of Jharkhand and Chhattisgarh on the rescue operation.
Main Slider

THDC Tunnel: धामी ने झारखंड-छत्तीसगढ़ के CMs को दी रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी, श्रमिकों को हर मदद का भरोसा

13/08/2026
THDC Tunnel Accident: Dhami takes charge of the rescue operation.
Main Slider

THDC Tunnel Accident: धामी ने संभाली बचाव अभियान की कमान, रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉल पर बात

13/08/2026
13 people safely rescued from THDC tunnel
Main Slider

टीएचडीसी टनल में 13 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, जिलाधिकारी मौके पर

13/08/2026
Panic due to debris and water entering THDC tunnel
Main Slider

THDC टनल में मलबा-पानी आने से हड़कंप, CM धामी ने युद्धस्तर पर रेस्क्यू के दिए निर्देश

13/08/2026
CM Dhami's interaction with the youth at Doon University
Main Slider

दून विश्वविद्यालय में युवाओं से मुख्यमंत्री धामी का संवाद, बोले- बदलती तकनीक के अनुरूप ‘फ्यूचर रेडी’ बनें युवा

13/08/2026
Next Post
AIADMK MLA A Bhaskar Corona positive

बलिया में 91 नए कोरोना पाॅजिटिव मिले, संक्रमितों की संख्या 1648 पहुंची

यह भी पढ़ें

सिर्फ अपने लिए जीना, यह कोई जीना नहीं होता : सीएम योगी

30/10/2021
Manorama Devi

JDU नेता के घर NIA का छापा, चार करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी और हथियार बरामद

20/09/2024
sun light

Winter Care Tips: जानिए, सर्दियों के मौसम में धूप सेंकने से क्या फायदे मिलते है?

26/01/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version