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जानिए सेप्टिक शॉक के लक्षण, जोखिम और उपचार

septic shock

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लाइफस्टाइल डेस्क। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में अंतिम सांस ली। राष्ट्रपति पिछले कई दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर स्पोर्ट पर थे। मुखर्जी की हालत पिछले कुछ दिनों से काफी खराब थी। डॉक्टरों के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति की मौत सेप्टिक शॉक के कारण हुई है। सेप्टिक शॉक एक खतरनाक स्थिति है, जब मरीज के कई अंग एक साथ क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ये स्थिति मरीज के लिए जानलेवा हो सकती है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी फेफड़ों में संक्रमण के कारण सेप्टिक शॉक में थे। इसकी वजह से उनके स्थिति और खराब हो गई थी। सेप्टिक शॉक एक गंभीर स्थिति है, और यह तब होता है जब किसी व्यक्ति का ब्लडप्रेशर किसी संक्रमण के बाद खतरनाक स्तर तक गिर जाता है। आइए जानते हैं कि सेप्टिक शॉक क्या है?

सेप्टिक शॉक क्या है?

इस बीमारी में मरीज का ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ जाता है, जिससे बॉडी में सूजन आ जाती है। ये बीमारी इतनी खतरनाक है कि इसका असर बॉडी के महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। इससे ब्लड क्लॉट बनने लगते हैं। मरीज का ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक गिरने लगता है। इसमें शरीर के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और न्यूट्रिएंट्स नहीं मिल पाते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर इस बीमारी के लक्षणों को शीघ्र ही पहचान करके इलाज कर लिया जाए तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। इस बीमारी की वजह से अंगों पर बेहद बुरा असर पड़ता है। अंग काम करना बंद कर सकते हैं। अंगों द्वारा काम करना बंद होने वाली स्टेज को सेप्टिक शॉक कहा जाता है, जिसकी वजह से मरीज की मौत तक हो सकती है।

सेप्टिक शॉक के कारण:

सेप्टिक शॉक बीमारी की वो कंडीशन है, जब शरीर की कोशिकाओं में संक्रमण फैलने लगता है, और इससे लड़ने वाले केमिकल या दवाइयों को जब खून के जरिए प्रवाह कराया जाता है, तो ये इंफेक्शन लड़ते हुए बॉडी के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाने लगता है।

सेप्टिक शॉक के लक्षण क्या हैं?

एनएचएस के अनुसार, सेप्टिक शॉक के लक्षणों में ये बीमारियां शामिल हैं-

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