Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

यहां बनाया जाता है भारत का नेशनल फ्लैग? जानें तिरंगा बनाने का क्या है नियम

Tiranga

Tiranga

भारत 15 अगस्त 2023 को अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) मनाएगा। दिल्ली के लालकिलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ध्वजारोहण करेंगे और देश को संबोधित भी करेंगे। इस अवसर पर पीएम नई घोषणाएं भी कर सकते हैं। क्या आपको पता है कि भारत का नेशनल फ्लैग (National Flag) कहां बनाया जाता है और इसे बनाने का मानक और नियम क्या है?

कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ तिरंगा (Tiranga) तैयार करता है। यह खादी ग्रामोद्योग कर्नाटक के हुबली शहर के बेंगेरी क्षेत्र में स्थित है। इसे खादी ग्रामोद्योग की ओर से प्रमाणित किया गया है। यह देश में एकमात्र तिरंगा बनाने की यूनिट है। इसे भारतीय मानक ब्यूरो से साल 2005-6 में सर्टिफिकेट मिला। उसके बाद यहां तिरंगा बनाया जाने लगा। देश में जहां भी आधिकारिक तौर पर तिरंगे की आवश्यकता होगी है, यहीं यूनिट भारतीय तिरंगे की सप्लाई करता है।

चेक की जाती है क्वालिटी

तिरंगा (Tiranga) बनाने के बाद भारतीय मानक ब्यूरो इसे चेक करता है। थोड़ी सी भी कमियां पाए जाने के बाद इसे रिजेक्ट कर दिया जाता है। नियम के अनुसार तिरंगे को बनाते समय रंग, धागा और साइज में कमी को अपराध माना गया है। तिरंगे के निर्माण के लिए 2022 फ्लैग कोड आफ इंडिया में प्रावधान और नियम बताए गए हैं।

डाक विभाग बेच रहा तिरंगा (Tiranga)

हर घर तिरंगा (Har Ghar Tiranga) अभियान के तहत इस बार तिरंगा बेचने का जिम्मा डाक विभाग को सौपा गया है।देश भर में डाक विभाग के 1।60 लाख पोस्ट ऑफिसों में तिरंगे की बिक्री हो रही है। यहां से कोई भी नेशनल फ्लैग खरीद सकता है।

DP में तिरंगा लगाते ही Twitter से गायब हो जाएगा ब्लू टिक, जानें नियम

ऑनलाइन भी मांग सकते हैं तिरंगा डाक विभाग की वेबसाइट इंडिया पोस्ट के जरिए कोई की भारतीय तिरंगे की ऑनलाइन पर बुकिंग कर खरीदारी कर सकता है। डाक विभाग ने इसके लिए कोई शुल्क नहीं रखा है। विभाग 25 रुपये में तिरंगा उपलब्ध करा रहा है।

Exit mobile version