• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानिए कब है जीवित्पुत्रिका व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Desk by Desk
23/09/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म
0
Jivitputrika

Jivitputrika

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जाता है। इसे जितिया व्रत भी कहा जाता है। इस व्रत को माताएं संतान प्राप्ति और उनकी लंबी आयु की कामना के लिए रखती हैं। यह व्रत पूरे दिन दिन तक चलता है। इसे सभी व्रतों में कठिन माना जाता है। माताएं अपने संतान की खुशहाली के लिए जितिया व्रत निराहार और निर्जला रखती हैं। इस साल यह पर्व 28 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा।

नहाए खाए के साथ शुरू होगा व्रत-

जीवित्पुत्रिका व्रत 28 सितंबर को नहाए खाए के साथ शुरू होगा। 29 सितंबर को पूरे दिन निर्जला व्रत रखा जाएगा। 30 सितंबर को व्रत का पारण किया जाएगा।

जीवित्पुत्रिका व्रत का महत्व-

जीवित्पुत्रिका व्रत संतान प्राप्ति और उसकी लंबी आयु की कामना के साथ किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान के सभी कष्ट दूर होते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पुण्य कर्मों को अर्जित करके उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु को जीवनदान दिया था, इसलिए यह व्रत संतान की रक्षा की कामना के लिए किया जाता है। मान्यता है कि इस व्रत के फलस्वरुप भगवान श्रीकृष्ण संतान की रक्षा करते हैं।

जितिया व्रत शुभ मुहूर्त 2021-

जीवित्पुत्रिका व्रत- 29 सितंबर 2021

अष्टमी तिथि प्रारंभ- 28 सितंबर को शाम 06 बजकर 16 मिनट से

अष्टमी तिथि समाप्त- 29 सितंबर की रात 8 बजकर 29 मिनट से।

जीवित्पुत्रिका व्रत पूजन विधि-

स्नान आदि करने के बाद सूर्य नारायण की प्रतिमा को स्नान कराएं। धूप, दीप आदि से आरती करें और इसके बाद भोग लगाएं। इस व्रत में माताएं सप्तमी को खाना और जल ग्रहण कर व्रत की शुरुआत करती हैं और अष्टमी तिथि को पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। नवमी तिथि को व्रत का समापन किया जाता है।

Tags: Jivitputrika fastJivitputrika vrat 2021religion news
Previous Post

टेढ़ी हो रही है बच्चों की नजर और गर्दन, हॉस्पिटलों में इतने मामले में आए सामने

Next Post

तुला राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, जानिए किस राशिवालों को होगा महालाभ

Desk

Desk

Related Posts

Kapal Kriya
Main Slider

अंतिम संस्कार के दौरान न करें ये काम, वरना हो जाएगा अनर्थ

03/02/2026
Tomato Garlic Chutney
Main Slider

किसी भी खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए परफेक्ट ये चटनी

03/02/2026
Panchdhatu Ring
धर्म

ये अंगूठी पहनने से नहीं होगी पैसों की कमी

03/02/2026
face cleanser
फैशन/शैली

इस चीज के इस्तेमाल से बनी रहेंगी फेस की चमक

03/02/2026
salt
Main Slider

ज्यादा नमक ने बिगाड़ दिया है सब्जी का स्वाद, तो ऐसे करें ठीक

03/02/2026
Next Post
Laxmi Narayan Yoga

तुला राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, जानिए किस राशिवालों को होगा महालाभ

यह भी पढ़ें

Earthquake

भूकंप के झटकों से डोली रामनगरी, घरों से बाहर निकले लोग

07/01/2022
Money

आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति, गुरुवार के दिन करें ये काम

11/09/2025
CM Yogi

Nikay Chunav: सोमवार को पांच जिलों के दौरे पर रहेंगे योगी

30/04/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version