• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जाने कब शुरू होगी कांवड़ यात्रा, क्या है नियम

Writer D by Writer D
23/06/2022
in धर्म, फैशन/शैली
0
Kanwariyas

Kanwar Yatra

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

भगवान शिव का प्रिय महीना सावन 14 जुलाई से शुरू होने वाला है. सावन का महीना इस साल 14 जुलाई से 12 अगस्त तक रहेगा. इस बार सावन के चार सोमवार व्रत पड़ रहे हैं. सावन के सोमवार का पहला व्रत 18 जुलाई को है. दूसरा सोमवार व्रत 25 जुलाई, तीसरा 8 अगस्त और चौथा 16 अगस्त को है. सावन के हर सोमवार में बेल पत्र से भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा की जाती है. भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनके भक्त इस महीने कांवड़ (Kanwar) लेने भी जाते हैं. इस वर्ष 14 जुलाई से कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) शुरू होगी. इस दौरान श्रद्धालु गंगा नदी से जल भरकर शिव मंदिर पहुंचते हैं और शिवलिंग पर चढ़ाते हैं. इस दौरान भगवान शिव की प्रिय चीजें भी शिवलिंग पर चढ़ाई जाती हैं.

आइए आपको आपको कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) जुड़ी कुछ खास बातें और जरूरी नियम बताते हैं.

कांवड़ (Kanwar) के प्रकार

झूला कांवड़

भगवान शिव के ज्यादातर भक्त झूला कांवड़ लेकर आते हैं. बच्चे, बूढ़े और महिलाएं भी यह कांवड़ आसानी से लेकर आ जाते हैं. झूला कांवड़ की खासियत ये है कि इसे आप स्टैंड या पेड़ पर रखने के बाद आराम कर सकते हैं. हालांकि आराम या भोजन करने के बाद कांवड़ उठाने के लिए आपको पुन: शुद्ध होना पड़ेगा.

खड़ी कांवड़

भगवान शिव के बहुत से भक्तखड़ी कांवड़ लेकर चलते हैं. यह झूला कांवड़ से मुश्किल होती है. आमतौर पर खड़ी कांवड़ किसी सहयोगी की मदद से लाई जाती है. कांवड़ लाने वाला इंसान जब आराम करता है तो उसका सहयोगी कंधे पर कांवड़ लिए खड़ा रहता है.

डाक कांवड़

डाक कांवड़ सबसे मुश्किल कांवड़ मानी जाती हैं. इसमें भक्तों को एक निश्चित समय के भीतर हरिद्वार से जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. डांक कावड़ 14, 16 18 या 20 या इससे ज्यादा घंटे की हो सकती है. इसमें भक्तों को तय समय के भीतर ही शिवलिंग पर जल चढ़ाना पड़ता है. इसमें कांवड़ यात्रा में भगवान शिव के हरिद्वार से दौड़ते हुए भगवान शिव के मंदिरों में पहुंचते हैं. डाक कांवड़ लेकर चलने वाले शख्स यदि रुक जाए या उसके हाथ से कांवड़ छूट जाए तो वो खंडित मानी जाती है.

Tags: Kanwar YatraKanwar Yatra 2022sawan
Previous Post

23 जून राशिफल: जानिए कैसा बीतेगा आपका आज का दिन

Next Post

भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, सीएम योगी ने जताया शोक

Writer D

Writer D

Related Posts

Chaitra Purnima
Main Slider

चैत्र पूर्णिमा 2026: हनुमान जयंती के साथ बन रहा है शुभ संयोग, जानें मुहूर्त

29/03/2026
Horoscope
धर्म

29 मार्च का राशिफल: क्या कहता है आपका आज का सितारा?

29/03/2026
Lauki ka Dosa
खाना-खजाना

नाश्ते में बनाएं लौकी का डोसा, स्वाद और सेहत दोनों पर खरी उतरेगी यह डिश

27/03/2026
Nihari Mutton
खाना-खजाना

खाने का स्वाद बढ़ाएगा निहारी मटन, देखें रेसिपी

27/03/2026
Hair
फैशन/शैली

गर्मियों में बालों का रखे खास ख्याल, फॉलो करें ये टिप्स

27/03/2026
Next Post
Cricket ball resting on a cricket bat on green grass of cricket pitch

भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, सीएम योगी ने जताया शोक

यह भी पढ़ें

Bigg Boss14

राहुल वैध ने ‘भगोड़े’ टैग पर जताई आपत्ति, सलमान ने लगाई फटकार

26/12/2020
अमित शाह- लालकृष्‍ण आडवाणी

गृह मंत्री अमित शाह ने ढांचा ध्वंस मामले में पेशी से पहले लालकृष्‍ण आडवाणी से की मुलाक़ात

23/07/2020
Mukhtar Abbas Naqvi

समाज का सुधार ‘नियमों में जकड़’ से नहीं बल्कि ‘नियत की पकड़’ से मुमकिन : नकवी

21/07/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version