• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सिर्फ सैलरी नहीं! जानें क्यों धधक रहा है नोएडा के मजदूरों का गुस्सा?

Writer D by Writer D
14/04/2026
in उत्तर प्रदेश, क्राइम, नोएडा
0
Noida Protest

Noida Protest

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नोएडा। नोएडा में श्रमिकों का चल रहा उग्र प्रदर्शन लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह श्रमिकों का काफी दिनों से गुस्से का गुबार फटा है या कोई असामाजिक तत्व इन्हें हवा दे रहा है। नोएडा में सोमवार को मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन से हालात बिगड़ गए। दिल्ली की सीमाओं पर भारी जाम लग गया। नेशनल हाईवे 9 और अन्य रास्तों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों फंसे रहे। नोएडा सेक्टर-62 में प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए, कई वाहनों में आग भी लगा दी गई और पुलिस पर पथराव किया। सेक्टर 84 से भी ऐसे की प्रदर्शनों की खबरें आईं। नोएडा फेज-2 और सेक्टर 60 के इलाकों में पत्थरबाजी हुई। यूपी पुलिस ने अफवाह फैलाने वाले दो सोशल मीडिया हेंडल्स पर कार्रवाई की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

यह उग्र प्रदर्शन क्यों हो रहा है इसको लेकर जब प्रदर्शन कर रहे हैं लोगों से बात की गई तो कुछ का कहना था कि कंपनियों में उनकी नियुक्ति सीधी नहीं होती है। कुछ कंपनियों ने ठेकेदारों को हायर कर रखा है। अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग ठेकेदार हैं। वे अपने हिसाब से मजदूरों को रखते हैं और पैसे देते हैं। एक महिला ने कहा कि वह दिन में 12 घंटे काम करती है। ठेकेदार उसको महीने के 13 हजार रुपये देता है।

एक श्रमिक का कहना था कि ठेकेदारों के तहत काम पर लगने से उनका काफी नुकसान होता है। उनका ना तो पीएफ कटता है और ना ही उनको ईएसआईसी के तहत इलाज की सुविधा मिलती है। यही नहीं कई बार तो ऐसा होता है कि यदि कोई कर्मचारी बीमार पड़ जाता है या किसी काम से गांव चला जाता है तो उसकी जगह तुरंत दूसरे को नौकरी पर रख लिया जाता है।

मजदूरों का कहना है कि यदि किसी को बीच में गांव जाना पड़ा तो ठेकेदार उसकी मजदूरी का हिसाब भी नहीं करता है। नोएडा में मजदूरों और ठेकेदारों के बीच अक्सर झगड़े विवाद की खबरें आती रहती हैं। एक ने कहा कि कुछ कंपनियां सीधी भर्ती देने या सीधे काम पर रखने से इसलिए भी कतराती हैं कि उनको तय मानकों के मुताबिक भुगतान करना होगा। कंपनियों को सीधे कर्मचारियों को रखना चाहिए।

मजदूरों की मानें तो नोएडा में दो प्रकार के कर्मचारी हैं। कुछ कंपनियां जो कर्मचारियों को सीधे काम पर रखती हैं, उनको वीकली ऑफ मिलता है। ऐसे कर्मचारियों का पीएफ कटता है। ऐसे कर्मचारियों का हेल्थ इंश्योरेंस भी होता है। उनको सीएल और एमएल के साथ ईएल की सुविधा भी मिलती है लेकिन जिन कर्मचारियों को ठेकेदार काम देता है उन अनधिकृत कर्मचारियों को ये सुविधाएं नहीं मिलती हैं। मजदूरों के असंतोष की एक बड़ी वजह यह भी है।

अनधिकृत कर्मचारियों का कहना है कि यदि किसी वजह से एक दिन भी काम छूट जाता है तो उस दिन की सेलरी कट जाती है। कपड़े का काम करने वाली कंपनियों में धागा काटने वाले कर्मियों की स्थितियां बड़ी खराब हैं। एक महिला कर्मचारी ने बताया कि धागा काटने वाले कर्मचारियों को तो ठेकेदार की ओर से केवल 10 हजार रुपये महीने के मिलते हैं। इनको पीएफ और इएसआईसी की सुविधा भी नहीं मिलती है। यही नहीं साफ सफाई के काम करने वालों की स्थितियां दयनीय हैं। कुछ कर्मचारी जो गार्ड का काम करते हैं उनके हालात और भी खराब हैं। किसी साथी के बीमार होने पर उनको डबल डबल ड्यूटी तक देनी पड़ जाती है।

कुछ ने कहा कि सरकारें न्यूनतम मजदूरी पर फैसला तो कर देती हैं लेकिन जमीन पर ये पूरी तरह लागू नहीं हो पाते हैं। मजदूरों का कहना है कि कुछ कंपनियां लागू करती हैं लेकिन अनधिकृत कर्मचारी इससे वंचित ही रहते हैं। सरकारों और प्रशासन को न्यूनतम मजदूरी का फैसला जमीन पर लागू कराना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता है।

मजदूरों को किराए के मकान में रहना पड़ता है। एक कमरे में तीन या चार लोग रहते हैं। मकान मालिक भी उसी हिसाब से किराया भी वसूलता है। हर साल किराया बढ़ जाता है लेकिन सेलरी उस हिसाब से नहीं बढ़ती है। कुछ कंपनियां साल में 280 रुपये तो कुछ 300 रुपये सेलरी बढ़ाती हैं। हमारे घर का किराया दिवाली पर 500 बढ़ जाता है।

कई मजदूरों ने कहा कि बेहद कम लोग ही रेगुलर बेसिस पर रखे जाते हैं। ऐसे कर्मचारियों को ज्यादा फर्क नहीं पड़ता लेकिन समान काम करने वाले अनियमित कर्मचारियों की हालत खराब ही रहती है। बीमार होने या हादसे की स्थितियों में इनको सही इलाज तक नहीं मिल पाता है। एक महिला मजदूर ने कहा कि 08 घंटे काम करने के लिए बाकियों की तरह हमें भी 20 हजार रुपये मिलने चाहिए।

कुछ ने कहा कि गांव में मजदूरी का काम करने वाले को एक दिन में 500 रुपये की दिहाड़ी मिल जाती है। इस तरह वह महीने का 15 हजार तक कमा लेता है फिर हमें 13 हजार सेलरी किस हिसाब से दी जाती है। कुछ का कहना है कि बोनस देने के नाम पर कंपनियां दिवाली गिफ्ट देती हैं। इनमें लंच बॉक्स, कैपर, डिनर सेट जैसी चीजें ठेकेदार देकर काम चलाते हैं।

कुछ कर्मचारियों ने कहा कि यदि वे ओवर टाइम ना करें तो नोएडा जैसे शहर में गुजार नामुमकिन है। ओवर टाइम भी सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं दिया जाता है। कुछ ने कहा कि उनकी पत्नियां भी काम पर जाती हैं तब जाकर किसी तरह गुजारा हो पाता है। कुछ श्रमिकों का यह भी कहना है कि गैस की कालाबाजारी के चलते उनका बजट काफी गड़बड़ा गया है, वे लोग खाना भी अपने घर पर नहीं बना पा रहे हैं।

Tags: breaking newsgovernment decision indiaindustrial newslabor protest indialabor rights indiaminimum wage increaseNoida newsup newswage hike indiaworkers protest noida
Previous Post

अंबेडकर जी का जीवन प्रेरणा का स्तंभ: केशव मौर्य

Next Post

बंगाल में सियासी तनाव: रोड शो के बाद कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

विकास के लिए प्रदेश का कोना-कोना मथ रहे मुख्यमंत्री योगी, अनवरत पांचवें महीने सहारनपुर पहुंचे

01/07/2026
VB-G Ram Ji Act implemented
उत्तर प्रदेश

वीबी-जी राम जी एक्ट लागू होने से यूपी के मजदूरों को हर रोज मिलेंगे न्यूनतम 300 रुपये

01/07/2026
Katarniaghat
उत्तर प्रदेश

पर्यटन सत्र 2025-26 में 12 हजार से अधिक पर्यटकों ने किया कतर्नियाघाट का दीदार

01/07/2026
CM Yogi launches 'Digi Rover' special campaign
उत्तर प्रदेश

तकनीक के माध्यम से भूमि की पैमाइश पहले की तुलना में अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय होगी : सीएम योगी

01/07/2026
yogi-modi
उत्तर प्रदेश

कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी मिलने पर सीएम योगी ने पीएम मोदी का जताया आभार

01/07/2026
Next Post
BJP-TMC workers clash after Amit Shah's roadshow in Durgapur

बंगाल में सियासी तनाव: रोड शो के बाद कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प

यह भी पढ़ें

cm yogi

सीएम बनने के बाद अबतक 91 बार काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर चुके हैं योगी

11/11/2022
result of jee main

नेशन टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई मेन परीक्षा 2020 का रिजल्ट हुआ जारी

12/09/2020
Patanjali Soan Papdi

नहीं थम रही रामदेव की मुश्किलें, पतंजलि की सोन पापड़ी क्वालिटी टेस्ट में फेल

19/05/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version