• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आइये जानते है क्यों किया जाता है सत्यनारायण व्रत पूजा, क्या हैं इसके लाभ

Writer D by Writer D
13/01/2022
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदी पंचाग के अनुसार, हर पूर्णमासी को सत्यनारायण की पूजा-उपासना की जाती है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु जी के नारायण रूप की पूजा की जाती है। इस व्रत को करने से व्रती के जीवन से दुख-शोक का नाश होता है,  जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है, पुत्र की प्राप्ति होती है और सर्वत्र विजय हासिल करने का वरदान मिलता है। इस व्रत को किसी विशेष तिथि की जरूरत नहीं पड़ती है। आइए, इसके व्रत एवं पूजा विधि को जानते हैं-

पौराणिक कथा के अनुसार, चिरकाल में एक बार जब भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीर सागर में विश्राम कर रहे थे। उस समय नारद जी वहां पधारे। नारद जी को देख भगवान श्रीहरि विष्णु बोले- हे महर्षि आपके आने का प्रयोजन क्या है? तब नारद जी बोले-नारायण नारायण प्रभु! आप तो पालनहार हैं। सर्वज्ञाता हैं। प्रभु-मुझे ऐसी कोई लघु उपाय बताएं, जिसे करने से पृथ्वीवासियों का कल्याण हो।

तदोपरांत, भगवान श्रीहरि विष्णु बोले- हे देवर्षि! जो व्यक्ति सांसारिक सुखों को भोगना चाहता है और मरणोपरांत परलोक जाना चाहता है। उसे सत्यनारायण पूजा अवश्य करनी चाहिए। इसके बाद नारद जी ने भगवान श्रीहरि विष्णु से व्रत विधि बताने का अनुरोध किया।

तब भगवान श्रीहरि विष्णु जी बोले- इसे करने के लिए व्यक्ति को दिन भर उपवास रखना चाहिए। संध्याकाल में किसी प्रकांड पंडित को बुलाकर सत्य नारायण की कथा श्रवण करवाना चाहिए। भगवान को भोग में चरणामृत, पान, तिल, मोली, रोली, कुमकुम, फल, फूल, पंचगव्य, सुपारी, दूर्वा आदि अर्पित करें। इससे सत्यनारायण देव प्रसन्न होते हैं।

इस पूजा में सबसे पहले गणेश जी की, इसके बाद इंद्र देव और नवग्रह सहित कुल देवी देवता की पूजा की जाती है। फिर ठाकुर जी और नारायण जी की। इसके बाद माता लक्ष्मी, पार्वती सहित सरस्वती की पूजा की जाती है। अंत में भगवान शिव और ब्रह्मा जी की पूजा की जाती है। इसके बाद आरती और हवन कर पूजा सम्पन्न किया जाता है।

Tags: puja pathSatyanarayan Puja KathaSatyanarayan Puja Vrat Labhसत्यनारायण व्रत कथासत्यनारायण व्रत पूजासत्यनारायण व्रत पूजा के लाभ Satyanarayan Puja
Previous Post

शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को ऐसे करें प्रसन्न, घर में नहीं होगी धन की कमी

Next Post

यहाँ के मंदिर में अखंड ज्योति से निकलता है केसर

Writer D

Writer D

Related Posts

Amla Navmi
धर्म

दांपत्य जीवन में खो गई है खुशियां, तो करें इस पेड़ से जुड़े ये उपाय

26/05/2026
Broom
धर्म

बेड के नीचे न रखें ये चीज, चली जाएगी जाएगी बरकत

26/05/2026
Shri Krishna
Main Slider

इस दिशा में राधा रानी को करें स्थापित, दूर होंगी विवाह संबंधी समस्याएं

26/05/2026
Nautapa
Main Slider

नौतपा के दौरान करें ये उपाय, सूर्य देव की बरसेगी आप पर कृपा

26/05/2026
Bakrid
Main Slider

कब मनाया जाएगा बकरीद का त्योहार? कैसे शुरू हुई कुर्बानी की परंपरा

26/05/2026
Next Post
अखंड ज्योति

यहाँ के मंदिर में अखंड ज्योति से निकलता है केसर

यह भी पढ़ें

सीएम योगी की 17 सदस्यीय टास्क फोर्स NEP लागू करने के लिए बनाएगी कार्ययोजना

19/08/2020

सीएम धामी लगातार पांचवें दिन रहे आपदा पीड़ितों के साथ, लोगों में जगी आस

23/10/2021
murder

खौफनाक! परिवार के पांच लोगों की निर्मम हत्या, मासूम बच्चियों को भी उतारा मौत के घाट

29/08/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version