• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इन दो जीवों की तरह ही मनु्ष्य में छिपी होती है ये खतरनाक प्रवृत्ति

Desk by Desk
14/09/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भरे ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार जीव और मनुष्य के मन दोनों में जहर होता है इस पर आधारित है।

‘सांप के दांत में, बिच्छू के डंक में और मनुष्य के मन में जहर होता है।’ आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन का मतलब है कि हर किसी में जहर होता है। फिर चाहे वो कोई जीव हो या फिर मनुष्य। यहां पर आचार्य चाणक्य ने जीव और मनुष्य दोनों की प्रवृत्ति के बारे में बताया है। आचार्य चाणक्य का कहना है कि चाहे सांप के दांत हो, बिच्छू का डंक हो या फिर मनुष्य का मन, इन तीनों में एक चीज समान है। ये कॉमन चीज जहर है।

सांप को कितना भी आप पाल लें (पालने से मतलब सपेरे से है) उसे दूध पिला लें या फिर उसकी पूजा कर लें। उसके दांतों में मौजूद जहर के असर से किसी का भी बचना मुश्किल है। ऐसा इसलिए क्योंकि डसना उसकी प्रवृत्ति है। अपनी इसी प्रवृत्ति से विवश होकर वो किसी के भी शरीर में जहर को प्रवेश करा सकता है। ठीक इसी तरह बिच्छू है। वैसे तो कोई बिच्छू को पालना पसंद नहीं करता लेकिन ये भी अपनी प्रवृत्ति से विवश है। उसके डंक में भी जहर भरा होता है। वो जब भी किसी पर वार करता है तो अपने इन्हीं डंकों से उस पर हमला बोलता है।

वहीं मनुष्य की बात की जाए तो इन सब में सबसे जहरीला मनुष्य ही होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वो अपने दिमाग का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा करता है। साथ ही उसके मन में क्या चल रहा है इसका अंदाजा वो किसी को भी लगने नहीं देता। मौका देखकर वो किसी दूसरे पर ऐसा हमला करता है कि वो चारो खाने चित हो जाता है। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि सांप के दांत में, बिच्छू के डंक में और मनुष्य के मन में जहर होता है।

Tags: chanakyachanakya nitichanakya niti in hindichanakya niti life lessonschanakya niti quoteschanakya quoteschanakya storiesJeevan Mantrashort note on chanakyaचाणक्य नीतिचाणक्य ने अनमोल विचार
Previous Post

रघुवंश बाबू का पार्थिव शरीर पहुंचा पटना, आज वैशाली में होगा अंतिम संस्कार

Next Post

राजनीतिक विस्तार और सत्ता पर एकाधिकार को विकास मानती है बीजेपी : अखिलेश

Desk

Desk

Related Posts

Watermelon Face Pack
फैशन/शैली

तरबूज से आपकी स्किन खिल उठेगी, मिनटों में बनकर तैयार होगा ये फेस पैक

20/05/2026
Diabetes
Main Slider

इन मीठी चीज़ो का लुत्फ़ उठा सकते हैं डायबिटीज के मरीज, शुगर लेवल भी नहीं बढ़ेगा

20/05/2026
makeup
फैशन/शैली

चेहरे की रंगत रहेगी बरकरार, इस तरह से करें मेकअप

20/05/2026
bleach
Main Slider

ब्लीच की जलन से मिलेगी राहत, आजमाएं ये उपाय

20/05/2026
Mexican Rice
खाना-खजाना

स्पेशल राइस से विकेंड को बनाएं खास, स्वाद मिलेगा कुछ हटकर

20/05/2026
Next Post
अखिलेश यादव Akhilesh Yadav

राजनीतिक विस्तार और सत्ता पर एकाधिकार को विकास मानती है बीजेपी : अखिलेश

यह भी पढ़ें

सीएम योगी के ऑफिस का ट्विटर हैंडल हैक, हैकर ने बदल दी डीपी

09/04/2022
kalyan singh

राम मंदिर जाने वाली सड़क का नाम होगा ‘कल्याण सिंह मार्ग’, केशव मौर्य ने किया ऐलान

23/08/2021
Top commander of Lashkar-e-Commander killed

लश्कर-ए-कमांडर के शीर्ष कमांडर समेत तीन आतंकवादी ढेर

21/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version