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घाटी में होगी शराबबंदी? BJP से लेकर मुफ्ती तक आए एक साथ

Liquor

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श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में अगले महीने की तीन तारीख से बजट सत्र का आगाज होगा। प्रदेश में पिछले साल करीब पांच बरस के अंतराल के बाद विधानसभा चुनकर आई थी। नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में सरकार चल रही है। बजट सत्र की शुरूआत से पहले ही तीन राजनीतिक दलों ने कमोबेश एक ही तरह की पहलकदमी जम्मू कश्मीर विधानसभा में कर दी है। ये घटनाक्रम जम्मू कश्मीर में शराब (Liquor) पर प्रतिबंध लागू करने को लेकर हुआ है।

तीन राजनीतिक दलों ने इस सिलसिले में प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है। 3 मार्च से शुरू होने जा रहे सत्र में प्रदेश के कई विधायक – पीडीपी से लेकर नेशनल कांफ्रेंस तक के शराबबंदी (Liquor Ban) के लिए प्राइवेट मेंबर बिल ला रहे हैं। भाजपा, पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, इंजीनियर राशिद की आवामी इत्तेहाद पार्टी – सब इस मुद्दे पर एक साथ आ गए हैं। ये अपने आप में काफी अनोखा वाकया है। क्या है पूरा मामला, किसने क्या योजना बनाई है, आइये जानें।

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा है कि उनकी पार्टी के विधायक मीर मोहम्मद फैयाज ने शराबबंदी (Liquor Ban) को लेकर विधानसभा में एक विधेयक पेश किया है। इसको लेकर इल्तिजा ने एक्स (जो पहले ट्विटर हुआ करता था) पर एक पोस्ट भी साझा किया है। अपने पोस्ट में इल्तिजा ने लिखा कि, “शराब का सेवन जम्मू-कश्मीर में लोगों की जिंदगी तबाह कर रहा है और हमारे समाज के ताने-बाने के लिए ये एक गंभीर खतरा है।” इल्तिजा ने जम्मू कश्मीर में साल 2019 के बाद राज्य में शराब की दुकानों की बढ़ती संख्या की बात की है। जिससे ये आसानी से लोगों को मिलने लगा और ये मुद्दा जटिल हो गया। अब मीर मोहम्मद की पहल के लिए इल्तिजा ने उनको बधाई दी है।

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वहीं, पीडीपी के जिस विधायक मीर मोहम्मद ने इस विधेयक को सदन के सामने रखने की बात की है, उनका कहना है कि शराब की लत शराबी और उसके परिवार – दोनों के मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है। अगर इस समय शराब पीने की इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगाई गई तो यह समाज के लिए विनाशकारी साबित होगी। ऐसे में इस विषय पर सख्त कानून काफी जरूरी हैा। सिर्फ पीडीपी ही ने नहीं बल्कि जेल में बंद लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद की अवामी इत्तिहाद पार्टी ने भी इस मांग का समर्थन किया है। एआईपी ने कहा है कि पार्टी के विधायक शेख खुर्शीद अहमद भी शराब पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करते हुए एक विधेयक पेश कर रहे हैं।

नेशनल कांफ्रेंस की भी पहल

इनके अलावा, लालचौक से नेशनल कांफ्रेंस के विधायक अहसान परदेसी ने भी कहा है कि उन्होंने धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चिंताओं के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर के अन्य मुस्लिम बहुल इलाकों में शराब की दुकानों को बंद करने की मांग करते हुए एक निजी विधेयक पेश किया है। उन्होंने कहा, “शराब की अनियंत्रित बिक्री कश्मीर के धार्मिक और सांस्कृतिक लोकाचार की अवहेलना करती है। हमारी विरासत हमेशा से नशीले पदार्थों के खिलाफ रही है और यह विधेयक उन मूल्यों को संरक्षित करने की दिशा में एक कदम है” भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुद्दे पर समर्थन की बात की है।

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