यूको बैंक के कैशियर से निकाली पुरानी रंजिश, उतार दिया मौत के घाट

लखनऊ। राजधानी के PGI इलाके में हुए कैशियर राहुल सिंह हत्याकाण्ड मामले के खुलासे के लिए जद्दोजहद कर रही पुलिस ने सोमवार को हड़बड़ाहट में वारदात का खुलासा करते हुए घटना में नामजद तीन लोग समेत चार लोगों को दबोच लिया। हालांकि शूटर अभी तक गिरफ्त में नहीं आये हैं। जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार भी करने का पुलिस ने दावा किया है। हालांकि गिरफ्त में आये लोगों ने भाड़े के शूटरों से रंजिशन हत्या कराये जाने की बात कबूली है। अब पुलिस जल्द ही 50 हजार रूपये लेकर कत्ल करने वाले शूटर गुड्डू उर्फ दीपक व सूरज पाल लोध को गिरफ्तार कर लेने का दावा कर रही है।

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लखनऊ स्थित यूको बैंक के कैशियर राहुल सिंह को 15 सितम्बर की शाम हत्यारों ने मौत के घाट उतारा दिया था। मृतक के पिता अजय पाल सिंह ने इस मामले में उन्नाव के तेज बहादुर सिंह, लोकेन्द्र प्रताप, मानवेन्द्र प्रताप, पप्पू सिंह व शिवशंकर को नामजद कराया था, लेकिन पुलिस ने इस बात पर कोई प्रतिक्रिया न करते हुए घटना के बाद हाथ पर हाथ रखकर बैठ गयी। पीडि़त परिवार ने एसएसपी से भी मुलाकात की। बाद में पूर्व फौजियों ने कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन किया।

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जिसके बाद आनन-फानन में पुलिस ने आरोपी लोकेन्द्र प्रताप सिंह, मानवेन्द्र प्रताप सिंह, तेज बहादुर सिंह व उनके रिश्तेदार अनिल सिंह की गिरफ्तारी दिखा दी। साथ ही इस बात का दावा किया कि इन्हीं लोगों ने उन्नाव के शूटर दीपक उर्फ गुड्डू व सूरज पाल को 50 हजार रूपये देकर राहुल सिंह को मौत के घाट उतरवाया था। आरोपियों की राहुल सिंह से 25 मई 2017 से रंजिश तब शुरू हुई थी जब आरोपी लोकेन्द्र प्रताप सिंह ने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल कर ली

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इसकी भनक राहुल सिंह को लगी तो उन्होंने आरटीआई की मदद से जानकारी विभाग को दे दी। जिससे मामले की जांच शुरू हो गयी। इस बात का बदला लेने के लिए उन लोगों ने राहुल को मौत के घात उतार दिया।

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