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लखनऊ अग्निकांड: SIT ने संभाली कमान, फोरेंसिक जांच शुरू

Lucknow fire tragedy

Lucknow fire tragedy

लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड (Lucknow Fire Tragedy) के बाद मंगलवार को जांच का काम तेजी से शुरू हो चुका है। विशेष जांच दल (SIT) के साथ फोरेंसिक टीम सुबह ही घटनास्थल पर पहुंच गई। फोरेंसिक टीम ने बारीकी से साक्ष्य जुटाने के लिए पूरी इमारत को सील कर दिया है और अंदर से सबूत एकत्र किए जा रहे हैं। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के बाद एसी (AC) का कंप्रेसर फटने के कारण इतनी तेजी से फैली।

इस हृदयविदारक हादसे में कोचिंग पढ़ने और थ्री-डी एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 छात्रों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई है। वहीं, जान बचाने के लिए तीसरी और दूसरी मंजिल से नीचे कूदे 9 छात्र गंभीर रूप से घायल हैं। कई अन्य झुलसे हुए छात्रों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे, लेकिन सूचना मिलते ही वे अपना दौरा बीच में ही छोड़कर तुरंत लखनऊ लौटे और सीधे घटनास्थल का मुआयना किया। इसके साथ ही रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह भी स्थिति का जायजा लेने के लिए दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री की बड़ी कार्रवाई: SIT गठित, 4 अफसर सस्पेंड

घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़ा और सीधे लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। सीएम के कड़े निर्देश पर मामले की जांच के लिए सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने वाली एक उच्चस्तरीय एसआईटी (SIT) गठित की गई है।

भवन मालिक सहित 4 गिरफ्तार, 6 पर नामजद FIR

संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) बबलू कुमार के मुताबिक, पुरनिया चौकी इंचार्ज शुभम तिवारी की तहरीर पर अलीगंज थाने में 6 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद 6 आरोपियों में से 4 को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके नाम इस प्रकार हैं:

वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (बिल्डिंग का मालिक, निवासी मदेयगंज)

रामकृष्ण उपाध्याय (ग्राउंड फ्लोर पर स्थित पेट शॉप का मालिक, निवासी अलीगंज)

तूशॉक कृष्णा जायसवाल (एनिमेशन सेंटर का संचालक, निवासी बालागंज)

सुरेश कुमार शाहू (किरायेदार, निवासी केशवनगर, मड़ियांव)

इस मामले में नामजद दो अन्य आरोपी धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

चंद मिनटों में वेयरहाउस से फैली आग

यह भीषण हादसा सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे हुआ। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप (दुकान) है और उसकी पहली मंजिल पर मालिक का वेयरहाउस (गोदाम) बना हुआ है। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर, गेमिंग जोन और 12वीं तक के छात्रों का कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था। पुलिस के अनुसार, सबसे पहले पहली मंजिल पर स्थित वेयरहाउस में आग लगी, जिसने चंद मिनटों में विकराल रूप धारण कर पूरी बिल्डिंग को घेर लिया। दूसरी और तीसरी मंजिल पर पढ़ रहे छात्रों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वे भीतर ही फंस गए। सूचना मिलने पर पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने करीब दो घंटे तक कड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शवों को बाहर निकाला।

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