केवल 20 मिनट में अमौसी एयरपोर्ट स्टेशन पहुंची लखनऊ मेट्रो

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लखनऊ। अपनी लखनऊ मेट्रो के उत्तर दक्षिण कॉरिडोर के लिए सिग्नलिंग और एकीकरण का शनिवार सुबह ट्रांसपोर्ट नगर से चौधारी चरण सिंह मेट्रो स्टेशन तक का परीक्षण गया। सुबह के 9.38 बजे लखनऊ मेट्रो को चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट वाया अमौसी मेट्रो स्टेशन के लिए रवाना किया गया। ट्रांसपोर्ट से चलकर लखनऊ मेट्रो सुबह 9.58 बजे सफलता पूर्वक अमौसी मेट्रो स्टेशन पहुचीं।

बता दें कि ट्रायल रन का पूजा पाठ करके शुभारम्भ किया गया था। अमौसी पहुँचने के बाद लखनऊ मेट्रो के एमडी कुमार केशव और उनकी टीम की खुशी का ठिकाना ना था। लखनऊ मेट्रो की टीम बेहद प्रशन्न नजर आ रही थी। उनके चेहरे पर उत्साह की झलक साफ तौर से देखने को मिल रही थी।

बता दें कि मेट्रो ने शहर ही नहीं सड़क का भी नक्शा बदल दिया है। हर वर्ग की पहली पसंद बनी मेट्रो आने वाले कुछ महीनों में लखनऊ की लाइफ लाइन बनने जा रही है। रेड लाइन यानी नार्थ साउथ कॉरिडोर पर मेट्रो दौडऩे को तैयार है। बुधवार सुबह पूजा अर्चना के बाद चारबाग से मुंशी पुलिया के बीच मेट्रो को दौड़ाया गया था।

पहली बार मेट्रो टीपी नगर से चारबाग होते हुए 23 किमी की दूरी तय करके मुंशी पुलिया स्टेशन तक पहुंचीं थी। इस दौरान कहीं कोई दिक्कत नहीं हुई। चारबाग से मुंशीपुलिया रूट पर मेट्रो ट्रेनों का ट्रायल रन दो दिन और चला रहा।

आपको बता दें कि लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से शुरू होकर मेट्रो मुंशी पुलिया तक का सफर तय करेगी। मेट्रो को चलाने का रूट भी ऐसा चुना गया है। जहां सरकारी कार्यालयों का हब हैं। वहीं कोचिंग और लखनऊ विश्वविद्यालय भी अब गंजिग करने वाले भी हजरतगंज मेट्रो से आएंगे। वहीं घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को पकडऩे के लिए मेट्रो सफर को आसान बनाएगी। यह सब फरवरी 2019 के अंत में होने जा रहा है।

मेट्रो का न्यूनतम किराया 10 और अधिकतम 60 रुपये होगा। मतलब अगर आप मुंशी पुलिया से सीधे एयरपोर्ट तक जाएंगे तो आपको 60 रुपये देने होंगे। अब जल्द ही इस रूट पर कमर्शल रन शुरू होगा। एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बताया कि ट्रायल रन के दौरान ट्रेन को पांच किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया गया। नार्थ-साउथ कॉरिडोर (फेज-1ए) में चारबाग से मुंशी पुलिया तक मेट्रो के सिग्निलिंग और एकीकृत प्रणाली में कहीं कोई खामी नहीं मिली। ट्रैक्शन, दूरसंचार और ट्रैक के साथ इंटरफेस वाली ट्रेनों का सुचारू संचालन हुआ।

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त्याधुनिक कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (सीबीटीसी), ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) वाली सिग्नलिंग प्रणाली और किसी भी टक्कर को रोकने में समर्थ ऑटोमेटिक ब्रेकिंग सिस्टम का भी परीक्षण किया गया। ऑटोमेटिक ट्रेन सुपरविजन (एटीएस) प्रणाली और ऑटोमेटिक रूट सेटिंग व ऑटोमेटिक ट्रेन रेगुलेशन के जरिए गति का भी परीक्षण किया गया। नार्थ-साउथ कॉरीडोर में टीपीनगर से मुंशी पुलिया तक 23 किमी के रूट पर 19 स्टेशन से गुजरेगी।

टीपी नगर, कृष्णानगर, शृंगारनगर, आलमबाग, आलमबाग बस स्टेशन, मवैया, दुर्गापुरी, चारबाग, हुसैनगंज, सचिवालय, हजरतगंज, केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ यूनिवर्सिटी, आईटी कॉलेज, बादशाहनगर, लेखराज, आरएस मिश्रा नगर, इंदिरानगर और मुंशी पुलिया। इन स्टेशनों में अमौसी और चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दो और स्टेशन हैं।

टीपी नगर से चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा तक मेट्रो के ट्रायल रन के दौरान जगह-जगह लोगों ने हाथ हिलाकर अपने इलाके से गुजरने वाली मेट्रो का स्वागत किया। कई जगह लोगों ने घरों छतों से मेट्रो ट्रेन को गुजरते देखा। सड़कों पर खड़े लोग भी खासे उत्साहित दिखे। जहां भी लोगों ने पहली बार मेट्रो को जाते देखा मोबाइल कैमरे से उस पल को कैद किया।

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