लखनऊ: AAP मेयर प्रत्याशी प्रियंका माहेश्वरी ने BJP के साथ पक्षपात का लगाया आरोप

लखनऊ। यूपी निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए अंतिम दिन मंगलवार को प्रत्यशियों ने नामांकन किया। इसी क्रम में बीजेपी आचार संहिता का धज्जियां उडाती हुई नजर आयी। जिसको लेकर दूसरी पार्टी के प्रत्याशियों ने सवाल उठाये हैं। आम पार्टी की मेयर प्रत्याशी प्रियंका महेश्वरी ने पुलिस प्रशासन और निर्वाचन आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील की है।

आम आदमी पार्टी ने निर्वाचन आयोग पर सत्तधारी बीजेपी के साथ पक्षपात का आरोप लगाया है। इस मामले में आप के जिला प्रवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी की मेयर प्रत्याशी प्रियंका माहेश्वरी नामांकन करने नगर निगम मुख्यालय पहुंची। तब पुलिस प्रशाशन ने आचार संहिता की बात कहते हुए मात्र मेयर प्रत्याशी के साथ 4 लोगों को ही नामांकन स्थल के अंदर जाने की अनुमति दी थी। उन्होंने बताया कि वहीं जब नामांकन के अंतिम दिन जब प्रियंका माहेश्वरी दोबारा दूसरा सेट नगर निगम के ऑफिस जमा करने पहुंची।

इस दौरान उन्होंने देखा कि बीजेपी मेयर प्रत्याशी के नामांकन के लिए ऑफिस पहुंची थी लेकिन उनके साथ अंदर उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा सहित कई विधायक, मंत्री और असलहा लगाये कई कार्यकर्ता भी अंदर उपस्थित थे, जो जोर-जोर से नारे बाजी कर रहे थे। जिसे देखकर वो हैरान थी उन्होंने कहा कि ऐसे में बीजेपी के कार्यकर्ताओं की दबंगई के आगे पुलिस प्रशासन काफी लाचार दिखाई पड़ रहा था वहीं कई बार दूसरे पार्टियों के प्रत्याशियों के साथ मारपीट की नौबत तक आ गयी।

आप प्रवक्ता ने निर्वाचन आयोग की कार्य पद्धति पर सवाल उठाते हुए कि ऐसे में सवाल उठता है कि चुनावी प्रकिया के दौरान शुरुआत में ही प्रदेश की सत्ताधारी बीजेपी नेताओं के आगे पुलिस प्रशासन बौना बना रहेगा तो निर्वाचन आयोग कैसे निष्पक्ष चुनाव करा पायेगा।

आप मेयर प्रत्याशी प्रियंका माहेश्वरी ने आयोग से अपील की है कि बीजेपी मेयर प्रत्याशी के नामांकन के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा भेदभाव करके अनावश्यक रूप से निगम मुख्यालय के अंदर बीजेपी के कई नेताओं के अंदर जाने की अनुमति देने वालों पर कार्यवाही कर निष्पक्ष चुनाव करायें।

loading...
Loading...

You may also like

सभापति के बेटे की हत्या के मामले में मां गिरफ्तार, पूछताछ में किये कई बड़े खुलासे

लखनऊ: उत्तर-प्रदेश विधान परिषद के सभापति रमेश यादव