लखनऊ : तमंचे की नोक पर लूटा था मैनेजर को…

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लखनऊ। अलीगंज पुलिस ने एचडीएफसी बैंक के सामने हुई आईटीसी कंपनी के मैनेजर से हुई लाखों की लूट का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिर तार किया है। लूटकाण्ड़ में शामिल शातिर के अन्य साथी आज भी पुलिस पहुंच से बाहर हैं। आरोपी के कब्जे से लूट के हजारों रुपये नगद और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद हुई है। आरोपी के खिलाफ डेढ़ दर्जन से अधिक तमाम अपराधिक मामलों में मुकदमें दर्ज हैं।
एएसपी ट्रांसगोमती हृरेन्द्र कुमार ने बताया कि सर्विलांस के माध्यम आरोपी को शुक्रवार रात्रि अलीगंज के श्याम स्वाद चौराहे से गिर तार किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मडिय़ांव मोहिबुल्लापुर मडिय़ांव निवासी जावेद उर्फ पप्पू बताया है। बकौल पुलिस आरोपी पप्पू और उसके साथी बबलू रावत ने मोटरसाइकिल से 8 सित बर को एचडीएफसी बैंक के सामने आईटीसी क पनी के मैनेजर कृष्ण जीवन की रेकी की थी। 11 सित बर को आरोपियों ने योजनाबद्घ तरीके से लूट की वारदात को अंजाम दिया था। मैनेजर की मुखबिरी बबलू रावत ने दी थी।
घाटना के दिन बबलू मोटरसाइकल लेकर तिराहे पर खड़ा था, जबकि पप्पू और उसका साथी विकास भट्ट बैंक के आस-पास ही थे। तिराहे से मैनेजर की गाड़ी गुजरते ही बबलू ने पप्पू और विकास को इशारा कर दिया था। बैंक के बाहर गाड़ी से उतरते ही बदमाशों ने मैनेजर को निशाना बना लिया था। विकास ने मैनेजर पर तमंचा तान दिया था और रुपयों से भरा बैग छीन लिया था।

बैग में 10 लाख 20 हजार रुपये थे। बदमाश हवा में तमंचा लहराते हुए भाग निकले थे। दोनों बदमाश पीजीआई होते हुए पारा इलाके में पहुंच गए थे। यहां विकास ने लूट के 3 लाख रुपये पप्पू को दिए थे, जबकि बबलू के हिस्से के 1 लाख 20 हजार रुपये पप्पू को दे दिए थे। विकास ने शेष रुपये बाद में देने के लिए कहा था। एएसपी ने बताया कि आरोपी के कब्जे से लूट के 54 हजार रुपये और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई है। आरोपी से अन्य जानकारियां हांसिल कर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। पुलिस टीम फरार बबलू और विकास की तलाश में जुटी है।

रुपयों के लेन-देन में की बेईमानी
पूछताछ में गिर तार आरोपी पप्पू ने बताया कि विकास ने लूट के रुपयों के बटवारे में हेराफेरी की थी। आरोपी ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम था कि बैग में कितना माल है। वारदात को अंजाम देकर सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचने पर विकास ने उसे महज 3 लाख रुपये दिए थे और 1 लाख 20 हजार रुपये बबलू के हिस्से के दिए थे। बाद में पता चला कि बैग में 10 लाख 20 हजार रुपये थे। बदमाशों में पहले से ही लूट के माल का बराबरी का बटवारा होना तय हुआ था, लेकिन विकास ने 6 लाख रुपये अपने पास रख लिए थे और भाग निकला था।
शादी के बाद चल रही थी आर्थिक तंगी
आरोपी पप्पू ने बताया कि उसने पूर्व में अपनी गर्लफ्रैंड सुफिया से विवाह कर लिया था। विवाह के कुछ समय बाद वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। बबलू रावत द्वारा बनाये गए लूट के षडय़ंत्र में वह भी शामिल हो गया था और वारदात को अंजाम दिया था। जिसके बाद आरोपी सीतापुर पर एक और लूट की वारदात को अंजाम देकर मु बई भाग जाने की फिराक में थे। पप्पू ने बताया कि उसके हिस्से में आये लूट की रकम के डेढ़ रुपये से उसने अपनी पत्नी के जेवरात बनवाये थे। बकौल एएसपी आरोपी पप्पू अपनी पत्नी के साथ अजमेर शरीफ दर्शन के लिए जा रहा था। कानपुर रेलवे स्टेशन पर अज्ञात चोर ने जेवरात से भरा पर्स पार कर दिया था।
सरगना के भाई ने लूटी थी सुरक्षा कर्मी की कारबाइन
एएसपी ने बताया कि फरार अभियुक्त विकास भट्ट महानगर में हुई 37 लाख रुपये की लूट में शामिल था। विकास के भाई ने पुर्व में हैउ कान्स्टेबल रामलाल की कार्बाइन लूटी थी व हत्या में भी शामिल था। विकास का भाई मडिय़ांव में पुलिस से हुई मुठभेड़ के दौरान मारा गया था। बबलू का लखनऊ जिला जेल से प्रशासनिक आधार पर जिला कारागार उन्नाव में स्थानान्तरण किया गया था।
डेढ़ दर्जन से अधिक अपराधिक मामलों में था वांछित
एएसपी ने बताया कि आरोप पप्पू के खिलाफ वजीरगंज, कैसरबाग, बाजारखाला, मडिय़ांव समेत महानगर और चौक में डेढ़ दर्जन से अधिक जघन्य अपराध के मुकदमें दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी ने अपने तमाम साथियों के साथ राजधानी के विभिन्न इलाकों में लूट, छिनैती, चोरी जैसे तमाम वारदातों को अंजाम दिया था। आरोपी गोसाईगंज, महानगर थाने से गैगेस्टर एक्ट में फरार चल रहा था।
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