राजिम कुंभमेला : महिलओं ने शंख बजाकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

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लखनऊ।  छत्तीसगढ़ राज्य में शुरू हुए राजिम कुंभमेला हर बार कोई न कोई विश्व रिकॉर्ड बना रहा है।  कुंभ मेले के दूसरे दिन 2100 संत व स्थानीय लोगों ने छत्तीसगढ़ के गरीबंद कुंभ मेले में एक साथ शंख बजाया। जिससे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हो गया है। इस मौके पर शंखनाद के बाद महाआरती का भी आयोजन किया गया था। बता दें, छत्तीसगढ़ के मंत्रीमंडल और विधायक के अलावा संत भी उपस्थित थे। इस दिन यहां मेले में 3 लाख दीपक जलाए जाते हैं। जिससे इसका नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गया।

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राजिम कुंभमेला वर्ल्ड रिकॉर्ड-

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विश्व शांति और छत्तीसगढ़ की समृद्धि के लिए साढ़े तीन लाख 61 हजार दीपक एक साथ जलाए जाते हैं। जिसको अपने आप में ही एक विश्व कीर्तिमान माना जाता है।

शंकराचार्य के समक्ष गोल्डन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड के एशिया हेड डॉ मनीष बिश्नोई से इसका प्रमाणपत्र मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, धर्मस्व मंत्री, धर्मस्व जल संसाधन, सचिव सोनमणि वोरा ने ग्रहण किया।

छत्तीसगढ़ के कृषि और जल संसाधन मंत्री बृजमोहन ने इस दौरान कहा कि परंपरा है कि, हर शुभ व पवित्र समारोह के पहले शंख बजाया जाता है। 2100 शंखों की आवाज से वातावरण शुद्ध हो जाता है।

इस प्रक्रिया से हम लोगों को सुख-शांति का संदेश देना चाहते हैं। गोल्डन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हो चुका है और अब हमारे यहां का कुंभ मेला पूरी दुनिया में मशहूर हो जाएगा।

बुधवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राजीम कुंभ के मेले का उद्घघाटन किया था जिसके साथ ही महानदी के किनारे गंगा आरती का भी आयेजन किया था।

 

सिंहस्थ के रिकॉर्ड को छोड़ा पीछे-

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राजिम कुंम्भमेला 7 फरवरी को शुरू हुआ था यहां पहुँचने वाले साधु-संतों के लिए खास व्यवस्था की गई थी। राजिम कुंम्भमेला 15 दिन तक रहता है, जोकि छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में लगता है।

जिसके 8वें दिन नदियों के संरक्षण में श्रद्धालुओं ने 3 लाख दिए जलाकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर लिया है। बुधवार को 5 बजे संतो और  स्थानीय लोगों की मदद से दीप प्रज्वलित करने की तैयारियों को धर्मस्व विभाग द्वारा अंतिम रूप दिया गया है।

आप की जानकारी के लिए बता दें, यह सिंहस्त कुंभ उज्जैन के रचे कीर्तिमान को पीछे छोड़ा और राजिम कुंभ मेले ने नया कीर्तिमान रचा है। यह समागम 13 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा।

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