• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

Mahashivratri 2021 : जानिए क्या है शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में अंतर

Writer D by Writer D
08/03/2021
in Main Slider, फैशन/शैली
0
Masik Shivaratri

Masik Shivaratri

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। इस बार यह शिवरात्रि 11 मार्च को है। मान्यता है इस दिन शिव आराधना करने से सालभर की शिव पूजा का फल मिलता है। वैसे तो शिवरात्रि हर महीने आती है लेकिन महाशिवरात्रि बड़ा पर्व माना जाता है। आइए जानते हैं शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का अंतर।

शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का अंतर

हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को केवल शिवरात्रि कहा जाता है लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी के दिन आने वाले शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात भगवान शिव लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। इसके अलावा कई लोगों का कहना है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की शादी हुई थी। इसलिए महाशिवरात्रि का पर्व जोर-शोर से मनाया जाता है।

महाशिवरात्रि पर बेल-पत्र चढाने का महत्व

पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक, सृष्टि को संकट से बचाने के लिए भगवान शिव ने विष पिया था। वह विष इतना घातक था कि शिव का कंठ नीला पड़ गया। उस विष में इतनी गर्मी थी कि उसे पीने से भगवान शिव का मस्तक गर्म हो गया और उनके शरीर में पानी की कमी होने लगी। इसके बाद समस्त देवताओं ने उनके मस्तक पर बेल-पत्र चढ़ाए और जल अर्पित किया क्योंकि बेल-पत्र की तासीर ठंडी होती है और वह शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करता है। ऐसा करने से शिव को बहुत आराम मिला और वह तुरंत प्रसन्न हो गए। इसके बाद भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि पर उन्हें बेल-पत्र और जल/दूध अर्पित किया जाता है।

Tags: kab hai Mahashivratri 2021mahashivratri 2021Mahashivratri ki puja
Previous Post

बिजली मैकेनिक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, बेरोजगारी से था परेशान

Next Post

स्वास्थ्य सेवा और कानून व्यवस्था के कारण प्रदेशवासियों की मासूम ‘खुशी’ मर रही है : संजय

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Dhami
Main Slider

बिना पर्ची-खर्ची 34 हजार युवाओं को मिली नौकरी, युवा अग्निवीर संवाद में बोले सीएम धामी

17/07/2026
PM Modi
Main Slider

प्रधानमंत्री मोदी के हरियाणवी लहजे के कायल हुए जींदवासी

17/07/2026
CM Dhami
Main Slider

अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री धामी

17/07/2026
Rahul Gandhi-Akhilesh Yadav
Main Slider

150 सीटों की मांग पर अड़ी कांग्रेस, जीत के फॉर्मूले पर अड़ी सपा

17/07/2026
Sonam Wangchuk Hunger Strike
Main Slider

20वें दिन भी अन्न का एक दाना नहीं खाया! सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी

17/07/2026
Next Post
जिला पंचायत सदस्य पद के 400 उम्मीदवारों की पहली सूची

स्वास्थ्य सेवा और कानून व्यवस्था के कारण प्रदेशवासियों की मासूम 'खुशी' मर रही है : संजय

यह भी पढ़ें

T20WC: मैच के दौरान आपस में भिड़े फैंस, जमकर चले लात-घूसे

30/10/2021
Bus Falls

रेलवे ट्रैक पर गिरी यात्रियों से भरी बस, चार की मौके पर मौत

06/11/2023
Shri Krishna Janmashtami

जानें कब मनाएं जन्माष्टमी, नोट करें पूजा का शुभ मुहूर्त

17/08/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version